कांग्रेस कमेटी ने इंदौर के भागीरथपुरा क्षेत्र में दूषित पानी पीने से हुई 24 मौतों के विरोध में शिवपुरी जिला मुख्यालय पर सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया। शहर के माधव चौक पर रविवार सुबह 11 से दोपहर 4 बजे तक उपवास दिवस मनाकर धरना-प्रदर्शन किया गया। इस प्रदर्शन में कांग्रेस जिलाध्यक्ष मोहित अग्रवाल, पूर्व विधायक प्रागीलाल जाटव सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे। धरने को संबोधित करते हुए जिलाध्यक्ष मोहित अग्रवाल ने इन मौतों के लिए प्रदेश सरकार को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने कहा कि पिछले छह माह से स्थानीय जनता पार्षद, नगर निगम अधिकारियों, विधायकों और मंत्रियों से दूषित पानी की शिकायत कर रही थी, लेकिन किसी भी स्तर पर सुनवाई नहीं हुई। इस लापरवाही का परिणाम 24 लोगों की मौत के रूप में सामने आया। 2 करोड़ रुपए मुआवजा देने की मांग
अग्रवाल ने आरोप लगाया कि प्रदेश में पार्षद से लेकर विधायक, प्रभारी मंत्री, सांसद, मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री तक एक ही दल के होने के बावजूद ऐसी घटनाएं हो रही हैं। उन्होंने कहा कि इतने बड़े मामले के बाद भी न तो जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई हुई और न ही किसी जनप्रतिनिधि या मंत्री ने इस्तीफा दिया। कांग्रेस ने मृतकों के परिजनों को 2-2 करोड़ रुपए मुआवजा देने की मांग रखी। इधर, शिवपुरी शहर की बस्तियों में फैली गंदगी को लेकर कांग्रेस मीडिया प्रभारी राजकुमार ने नगरीय प्रशासन पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि जिन इलाकों में गंदगी है, वहां सफाई कराने के बजाय “गंदी बस्ती” लिखवाकर क्षेत्र को बदनाम किया जा रहा है। उन्होंने क्षेत्रीय सांसद व केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया को भी घेरते हुए कहा कि यदि समय रहते हालात नहीं संभाले गए तो परिणाम पहले जैसे ही होंगे। धरने के दौरान जिलाध्यक्ष मोहित अग्रवाल ने संगठन के भीतर हो रहे विरोध पर भी सफाई दी। उन्होंने बताया कि करेरा और नरवर में कुछ कार्यकर्ताओं द्वारा काले झंडे दिखाने का कारण ब्लॉक अध्यक्ष पद को लेकर असंतोष है, क्योंकि एक ब्लॉक में केवल एक ही अध्यक्ष बनाया जा सकता है।


