इंदौर नगर निगम में ऑडिट विभाग के सीनियर ऑडिटर बसंत मंडलोई ने पद से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने संयुक्त संचालक के शोकाॅज नोटिस का भी जवाब दिया है। कहा कि मैंने जो मैसेज लिखा था उसमें कुछ भी गलत नहीं है। दरअसल, 8 सितंबर को बसंत मंडलोई ने विभागीय व्हॉट्स एप ग्रुप पर एक मैसेज किया था। जिसमें उन्होंने लिखा था कि इंदौर संभाग में कई जगहों पर कम से कम दो साल से ऑडिट को अंतिम रूप नहीं दिया है इसलिए इन जगहों खंडवा, बुरहानपुर सहित अन्य शहरों के सहायक संचालक, ऑडिट या तो काम नहीं कर रहे या काम करने में अक्षम हैं। कहा-ऑडिट में अनियमितता है, खुद चेक कर सकते हैं
बसंत मंडलोई के मैसेज को लेकर विभाग के संयुक्त संचालक राजकुमार सोनी ने उन्हें कारण बताओ नोटिस जारी किया था। मंडलोई ने इस नोटिस का जवाब 6 अक्टूबर को सौंपा है। इसमें उन्होंने लिखा कि मैंने जो मैसेज किया था, उसमें कुछ भी गलत नहीं है। जहां ऑडिट करने में अनियमितता है, वहां अफसर खुद जाकर चेक कर सकते हैं। इस पर सोनी ने मंडलोई से कहा कि अफसरों के बारे में इस तरह की टिप्पणी सार्वजनिक रूप से करने का अधिकार आपको नहीं है। सभी अफसर जिम्मेदार हैं और वे अपना काम सुचारू रूप से कर रहे हैं। नौकरी पर रहा तो भ्रष्टाचार में जोड़ देंगे नाम
मंडलोई ने सोमवार को स्पष्टीकरण देने के बाद अपना इस्तीफा भी मुख्यालय को सौंप दिया। उन्होंने लिखा कि मैं यदि अब नौकरी पर रहा तो जबरदस्ती मेरा नाम किसी भी भ्रष्टाचार में जोड़ दिया जाएगा। मुझ पर कई लोगों का अतिरिक्त प्रभार भी है, इस वजह से मानसिक स्थिति भी गड़बड़ा रही है। मंडलोई ने वीडियो भी जारी किया- कई जगहों का अतिरिक्त प्रभार होने के कारण मैं कोई भी काम समय पर नहीं कर पाता और बदले में मेरा वेतन भी काटा जाता है। मैंने कई बार अतिरिक्त प्रभार हटाने के लिए पत्र भी लिखे लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई।


