एमपीपीएसी अभ्यर्थियों का प्रदर्शन दूसरे दिन भी जारी रहा। गुरुवार की रातभर छात्र मध्यप्रदेश लोक सेवा आयोग के दफ्तर के बाहर कड़ाके की ठंड में बैठे रहे। इससे पहले गुरुवार को दिन में पुलिस प्रदर्शनकारियों का माइक और स्पीकर भी छीन कर ले गई थी। शाम को यूनियन के सदस्य और अभ्यर्थी आयोग के अधिकारियों से भी मिले, लेकिन मांगों को लेकर कोई निराकरण नहीं होने पर अरविंद और राधे जाट आमरण अनशन पर बैठ गए। बता दें कि विभिन्न मांगों को लेकर एमपीपीएसी अभ्यर्थियों का प्रदर्शन 36 घंटे से भी ज्यादा समय से जारी है। बुधवार सुबह 10 बजे डीडी पार्क से नेशनल एजुकेटेड यूथ यूनियन के बैनर तले अभ्यर्थियों ने एमपीपीएससी न्याय यात्रा निकाली थी। हजारों अभ्यर्थी इसमें शामिल हुए थे। यात्रा मध्यप्रदेश लोक सेवा आयोग के दफ्तर के बाहर खत्म हुई थी।अपनी मांगों को लेकर अभ्यर्थी आयोग के अधिकारियों से चर्चा कर अपनी मांगें मनवाना चाहते थे। संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर अभ्यर्थी आयोग के दफ्तर के बाहर ही धरने पर बैठ गए थे। बुधवार की रातभर भी अभ्यर्थी दफ्तर के बाहर बैठे रहे। गुरुवार को दिनभर भी अभ्यर्थियों का धरना प्रदर्शन जारी रहा। इधर, पीसीसी चीफ जीतू पटवारी भी धरना प्रदर्शन में अभ्यर्थियों से मिलने पहुंचे। यहां उन्होंने अभ्यर्थियों से चर्चा की और मोहन सरकार को भी घेरा। ना पीने का पानी ना टॉयलेट की सुविधा नेशनल एजुकेटेड यूथ यूनियन की राष्ट्रीय कमेटी के सदस्य राधे जाट ने बताया कि धरना प्रदर्शन में कई छात्राएं भी शामिल है। मगर प्रशासन ने यहां ना तो पीने के पानी की व्यवस्था की है और ना ही टॉयलेट की। इस मामले से जुड़ी ये खबर भी पढ़ें… जीतू पटवारी बोले- पेपर में 100 में से 101 नंबर आ रहे, ये धांधली नहीं तो क्या इंदौर में MPPSC अभ्यर्थियों का प्रदर्शन गुरुवार को भी जारी है। बुधवार सुबह 10 बजे से अभ्यर्थी मध्यप्रदेश लोक सेवा आयोग इंदौर ऑफिस के बाहर बैठे हैं। उनका कहना है कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होती तब तक उनका प्रदर्शन जारी रहेगा। गुरुवार शाम को नेशनल एजुकेटेड यूथ यूनियन की राष्ट्रीय कमेटी के सदस्य राधे जाट और अंशुल नाम एक अन्य छात्र आमरण अनशन पर बैठे हैं। पूरी खबर पढ़ें


