इंदौर में दूषित पानी पीने से हुई मौतों के बाद मुरैना कलेक्टर लोकेश कुमार जांगिड़ ने आज दोपहर अचानक नगर निगम क्षेत्र का निरीक्षण किया। कलेक्टर ने दो वार्ड—सिंघल बस्ती (वार्ड 34) और गणेशपुरा (वार्ड 24) में पानी सप्लाई व्यवस्था और पाइपलाइन की स्थिति का जायजा लिया। उनके साथ नगर निगम कमिश्नर और अन्य अधिकारी भी मौजूद थे। पाइपलाइन और नालियों में गंभीर खामियां
निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने पाया कि कुछ नालियां गंदगी और कचरे से भरी हुई थीं, जिससे पानी की पाइपलाइन पर असर पड़ रहा था और दूषित पानी की संभावना बनी हुई थी। उन्होंने नालियों की नियमित सफाई करने, पाइपलाइन की जाँच और छोटी-छोटी लीकेज की मरम्मत के साथ-साथ जरूरत पड़ने पर पूरी पाइपलाइन बदलने के निर्देश दिए। लोगों से बातचीत और समस्याओं का समाधान
कलेक्टर ने वार्ड के निवासियों से बातचीत भी की और पानी की शिकायतें सुनी। एक महिला ने गंदा पानी मिलने की जानकारी दी, जिसके बाद कलेक्टर ने स्वयं उसके घर पर पानी की मोटर चालू कर जाँच की और पानी की गुणवत्ता ठीक पाई। कलेक्टर ने कहा कि अगर कहीं भी पाइपलाइन में समस्या होगी, तो उसे तुरंत ठीक करवाया जाएगा। तब तक पानी टैंकरों के माध्यम से आपूर्ति सुनिश्चित की जाएगी। नगर निगम को दिए निर्देश
कलेक्टर ने नगर निगम कमिश्नर को निर्देशित किया कि सभी वार्डों में पानी सप्लाई लाइन की नियमित जांच की जाए, नालियों की सफाई सुनिश्चित की जाए और पाइपलाइन में लीकेज मिलने पर तुरंत मरम्मत की जाए। उन्होंने साफ कहा कि किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और नागरिकों के स्वास्थ्य से जुड़ी किसी भी समस्या पर तुरंत कार्रवाई हो। इस निरीक्षण से स्पष्ट हुआ कि मुरैना नगर निगम को नालियों और पानी की पाइपलाइन की देखरेख में सुधार की आवश्यकता है और प्रशासन सतर्क होकर शहरवासियों को सुरक्षित पानी उपलब्ध कराने के लिए सक्रिय हुआ है।


