इंदौर में युवक कांग्रेस का प्रदर्शन, पुलिस से झड़प:वाटर कैनन चलाकर खदेड़ा; अपराध, नशाखोरी और भ्रष्टाचार पर कार्रवाई की मांग

इंदौर में युवक कांग्रेस ने बढ़ते अपराध, नशाखोरी और प्रशासनिक सुस्ती के खिलाफ कलेक्ट्रेट पर विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान पुलिस और कार्यकर्ताओं के बीच धक्का-मुक्की हुई, जिसके बाद पुलिस को वाटर कैनन का इस्तेमाल करना पड़ा। ‘कार्यकर्ताओं का आरोप है कि शहर में अपराध, नशे का कारोबार और भ्रष्टाचार बेकाबू हो चुके हैं, लेकिन प्रशासन कार्रवाई नहीं कर रहा। इसी बीच कांग्रेस ने एसआईआर मामले में 5.68 लाख गायब मतदाताओं को लेकर हस्ताक्षर अभियान भी शुरू किया है। युवक कांग्रेस का विरोध, पुलिस ने चलाया वाटर कैनन सोमवार युवक कांग्रेस ने जिला प्रशासन के खिलाफ कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन किया। “इंदौर में बढ़ते अपराध पर बढ़ती बेचैनी… अब जवाब चाहिए!” स्लोगन के साथ शुरू हुए इस विरोध में कार्यकर्ताओं ने बैरिकेड्स लांघने का प्रयास किया, जिसके बाद पुलिस से धक्का-मुक्की और झड़प हुई। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने वाटर कैनन का उपयोग किया और कार्यकर्ताओं पर पानी की तेज बौछारें छोड़ी गईं। अपराध, नशाखोरी और भ्रष्टाचार पर कार्रवाई की मांग शहर युवक कांग्रेस अध्यक्ष अमित पटेल ने कहा कि इंदौर में चोरी-लूट, महिलाओं की सुरक्षा पर बढ़ते सवाल, नशा माफिया की सक्रियता और युवाओं में बढ़ती लत जैसे मुद्दों पर प्रशासन पूरी तरह असफल साबित हुआ है। उन्होंने कहा, “हमारी मांग है कि नशा मुक्त इंदौर अभियान चलाया जाए, नशा माफिया पर कड़ी कार्रवाई हो ” मेट्रो प्रोजेक्ट और तोड़फोड़ पर भी उठाए सवाल प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस नेताओं ने शहर में चल रहे विकास कार्यों और मेट्रो प्रोजेक्ट की प्लानिंग पर भी सवाल खड़े किए। उनका कहना था कि अनियोजित तरीके से चल रहे मेट्रो निर्माण ने शहर की यातायात व्यवस्था बिगाड़ दी है। जगह-जगह तोड़फोड़ से लोगों को परेशानी हो रही है और कई हादसे हो चुके हैं, लेकिन जिम्मेदार अधिकारियों पर कोई कार्रवाई नहीं हो रही। एसआईआर मामले में कांग्रेस का हस्ताक्षर अभियान इधर, कांग्रेस ने विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) में 5.68 लाख मतदाताओं के गायब होने के खुलासे को लेकर हस्ताक्षर अभियान शुरू किया है। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि जिन मतदाताओं के नाम सूची से हटाए गए हैं, उन्हें सार्वजनिक किया जाए। पूर्व पार्षद दिलीप कौशल ने कहा कि पिछले चुनाव में इंदौर की नौ में से नौ विधानसभा सीटें बीजेपी ने जीती थीं, तब वोट 4.17 लाख थे, जबकि अब 5.68 लाख मतदाता गायब हैं। कांग्रेस ने इसे वोटरों की संभावित हेराफेरी बताया और पारदर्शिता की मांग की।

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