इंदौर में 15 मौतों पर कांग्रेस का जन आंदोलन:निगम कार्यालय घेराव, पुलिस ने घंटा छीना; जिम्मेदारों पर FIR की मांग

इंदौर के भागीरथपुरा में प्रशासनिक लापरवाही और भ्रष्टाचार के कारण 15 निर्दोष नागरिकों की हुई मौत के खिलाफ नगर निगम कार्यालय के बाहर युवा कांग्रेस ने प्रदर्शन किया। इस प्रदर्शन के साथ ही युवा कांग्रेस ने इस जनसंहार के लिए जिम्मेदार लोगों पर तुरंत मामला दर्ज करने की मांग की हैं। युवा कांग्रेस का कहना था की यह कोई हादसा नहीं, बल्कि भाजपा के कुशासन, संवेदनहीन प्रशासन और बेलगाम भ्रष्टाचार का खूनी नतीजा है। इंदौर युवा कांग्रेस शहर अध्यक्ष अमित पटेल ने कहा कि विकास के झूठे नारे लगाकर सत्ता हथियाने वाले भाजपा नेता अपनी तिजोरियां भरने के लिए जनता को गटर का मैल मिला जहरीला पानी पिलाकर मौत के मुंह में धकेल रहे हैं। यह लापरवाही नहीं, बल्कि जनता के जीवन से खुला खिलवाड़ है। जब तक मृतकों के परिजनों को पूरा न्याय नहीं मिलता और इस जघन्य कृत्य के लिए जिम्मेदार भाजपा नेताओं, महापौर सहित दोषी अधिकारियों के खिलाफ गैर-इरादतन हत्या का मामला दर्ज नहीं किया जाता, तब तक कांग्रेस का संघर्ष सड़क से सदन तक लगातार जारी रहेगा। वहीं इस आंदोलन के दौरान युवक कांग्रेस के कार्यकर्ताओं से पुलिस ने घंटा छीनकर जब्त किया। क्या है पूरा मामला… इंदौर के भागीरथपुरा के लोग कई दिन से गंदे पानी की शिकायत कर रहे थे। लेकिन उनकी कहीं कोई सुनवाई नहीं हो रही थी। यहां के लोग गंदा पानी पीकर लगातार बीमार पड़ रहे थे। सोमवार रात यह मामला तब सामने आया, जब मंत्री कैलाश विजयवर्गीय अचानक दिल्ली से इंदौर पहुंचे और वर्मा हॉस्पिटल गए। इसके बाद पता चला कि 150 से ज्यादा लोग बीमार हो चुके हैं। मंगलवार को दिनभर में 5 मौतों की जानकारी मिली, जबकि देर रात 3 अन्य मौतों की सूचना सामने आई। बुधवार दोपहर को 9वीं मौत की जानकारी मिली। इस तरह कुल 9 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है। अब तक की स्थिति से स्पष्ट है कि पिछले एक हफ्ते से लोग बीमार हो रहे थे। संभवतः पहली मौत (26 दिसंबर को) गोमती रावत की हुई थी। इस तरह पांच दिन में 15 लोगों की मौत हो चुकी है।

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