1 करोड़ 82 लाख रुपए के सोने की लूट की कहानी मुंबई के एक सराफा कारोबारी की साजिश निकली। कारोबारी ने खुद ही अपने कर्मचारियों से सोना गायब करवाया और फिर पुलिस में फर्जी लूट की रिपोर्ट दर्ज करवा दी, ताकि इंश्योरेंस क्लेम लेकर मोटा मुनाफा कमाया जा सके।लेकिन खंडवा जीआरपी ने जांच में साजिश का पूरा पर्दाफाश कर दिया। मामला 30 सितंबर का है। 3 अक्टूबर को पुलिस ने उन्हें ट्रेस कर पकड़ा। पुलिस ने आज इस घटना की जानकारी दी। हालांकि पुलिस ने उन्हें पकड़कर जमानत पर छोड़ दिया। दरअसल मुंबई के सराफा कारोबारी सागर पारख ने अपनी दुकान से दो कर्मचारियों संजय कुमावत और राकेश जैन को मध्यप्रदेश भेजा था। उन्हें भोपाल और जबलपुर में सोना बेचने का जिम्मा दिया गया था। दोनों ने सोना बेच दिया, लेकिन करीब डेढ़ किलो सोना बच गया। इसकी जानकारी उन्होंने सागर पारख को दी। सागर ने कहा- सोना दे दो, फिर लूट की रिपोर्ट कर देना
इसके बाद सागर ने दोनों कर्मचारियों को आदेश दिया कि यह बचा हुआ सोना महाराष्ट्र के कल्याण में प्रवीण नाम के व्यक्ति को सौंप दो और फिर मुंबई लौटकर लूट की शिकायत दर्ज करवा देना। दोनों कर्मचारी प्रवीण को सोना देकर मुंबई पहुंचे और सीएसटी रेलवे पुलिस थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई। उन्होंने दावा किया कि जबलपुर से लौटते वक्त खंडवा स्टेशन के पास लुटेरों ने हमला कर सोना लूट लिया।इतना ही नहीं, अपनी बात पक्की दिखाने के लिए उन्होंने खुद पर चोट के निशान भी दिखाए। खंडवा पुलिस ने सच्चाई बताई
मुंबई जीआरपी ने केस को जीरो पर दर्ज कर खंडवा जीआरपी को ट्रांसफर कर दिया। जब खंडवा जीआरपी ने जांच की, तो लूट का कोई सबूत नहीं मिला।थाना प्रभारी प्रकाश चंद सेन ने बताया कि संदेह होने पर फरियादी सागर पारख को खंडवा बुलाया गया। सख्ती से पूछताछ में वह टूट गया और फर्जी लूट की बात कबूल कर ली। इंश्योरेंस क्लेम लेने की थी साजिश
पुलिस जांच में सामने आया कि कारोबारी सागर पारख ने इंश्योरेंस कंपनी से क्लेम पाने के लिए यह पूरी साजिश रची थी।चूंकि चोरी के मामलों में क्लेम नहीं मिलता, इसलिए उसने लूट की झूठी कहानी बनाई। पुलिस ने जब कल्याण में प्रवीण के ठिकाने पर छापा मारा, तो पूरा सोना बरामद कर लिया गया। 1.82 करोड़ का सोना बरामद
पुलिस ने प्रवीण से जो सोना जब्त किया, उसमें 52 सोने की चूड़ियां और 35 सोने की अंगूठियां शामिल थीं। कुल वजन 1 किलो 500 ग्राम और कीमत 1 करोड़ 82 लाख रुपए आंकी गई है। चारों आरोपी फिलहाल थाने से छोड़े गए
जमानती धाराओं में मामला दर्ज होने के कारण पुलिस ने चारों आरोपियों सागर पारख, संजय कुमावत, राकेश जैन और प्रवीण को नोटिस देकर थाने से छोड़ दिया।हालांकि जीआरपी पुलिस अब सोने के वैध स्रोत और बीमा दावे की मंशा की जांच कर रही है।


