इनसाइड:अबूझमाड़ के कुतुल इलाके में हुई मुठभेड़ में मारी गई दो इनामी महिला नक्सली

नारायणपुर जिले के अबूझमाड़ इलाके के कुतुल क्षेत्र में गुरूवार को हुई मुठभेड़ में दो ईनामी महिला नक्सलियों को जवानों ने ढेर कर दिया। पुलिस ने माड़ बचाओ अभियान के तहत यह ऑपरेशन चलाया। बताया जा रहा है कि जिस जगह पर मुठभेड़ हुई है। उसी कुतुल इलाके में बीते दिनों केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह पहुंचने वाले थे। इसके बाद इजराइल-ईरान युद्ध का हवाला देकर उनका दौरा रद्द कर दिया गया। जबकि खुफिया सूत्रों की मानें तो पुलिस को इस इलाके में बड़े कैडर के नक्सलियों की मौजूदगी की सूचना मिल चुकी थी। वहीं इलाके में बड़ी वारदात को अंजाम देने की जानकारी भी मिली थी, इसलिए सुरक्षा के लिहाज से केंद्रीय गृहमंत्री शाह का नारायणपुर दौरा रद्द किया गया। इसकी पुष्टि गुरूवार को हुई मुठभेड़ में हुई है। जब जवानों ने लॉन्च ऑपरेशन में एक महिला एसीएम और एक महिला एलओएस सदस्य को मार गिराया। यह भी बताया जा रहा है कि बीते कई दिनों से इस इलाके में नक्सली अपना डेरा डाल रखे हुए थे। 23 को अबूझमाड़ दौरे पर पहुंचने वाले थे केंद्रीय गृहमंत्री
केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह का नारायणपुर के अबूझमाड़ इलाके का दौरा 23 जून को प्रस्तावित था। यहां वे उन जवानों से मिलने वाले थे जिन्होंने नक्सली संगठन के महासचिव गगन्ना उर्फ बासवराजू को ढेर किया था। प्रस्तावित दौरे के दौरान शाह ईरकभट्‌टी सहित कुतुल इलाके में भी जाने वाले थे। इसके लिए शाह 22 जून को रायपुर भी पहुंचे, लेकिन 22-23 जून की रात अचानक केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह का दौरा सिर्फ इसलिए रद्द कर दिया गया, क्योंकि इजराइल-ईरान के बीच युद्ध के हालात बन चुके हैं। बड़े कैडर के नक्सलियों की मौजूदगी के मिले थे इनपुट
पुलिस सूत्र बताते हैं कि कई दिनों से बड़े कैडर के नक्सलियों की मौजूदगी की खबर कुतुल इलाके में मिल रही थी। यहां नक्सलियों के बने अस्थाई ठिकाने पर करीब 25 से 30 नक्सलियों की मौजूदगी के साथ नक्सलियों द्वारा बड़ी वारदात को अंजाम देने की योजना की खबर भी थी, लेकिन उस समय किसी भी तरह का गलत मैसेज न जाए, सिर्फ इसीलिए ऑपरेशन लॉन्च किया गया ताकि शाह के दौरे के दौरान किसी भी तरह सुरक्षा में कोई चूक न हो सके। यही कारण है कि शाह का दौरा रद्द करने के पीछे इजराइज-ईरान युद्ध का हवाला दिया गया। नक्सलमुक्ति​ के लिए मानसून में भी ऑपरेशन पुलिस महानिरीक्षक सुंदरराज पी. ने कहा कि नक्सलियों के खिलाफ मानसून में भी ऑपरेशन जारी रखे जा रहे हैं, ताकि पूरे बस्तर को डेडलाइन से पहले नक्सलमुक्त बनाया जा सके। उन्होंने कहा कि बीते 18 महीनों में बस्तर संभाग में हुई मुठभेड़ों में अब तक 414 नक्सलियों के शव बरामद किए जा चुके हैं, जिनमें बासवराजू सहित शीर्ष नक्सली नेता शामिल हैं। उन्होंने कहा कि नक्सलियों के पास अब हथियार छोड़कर आत्मसमर्पण करने के अलावा दूसरा कोई भी विकल्प नहीं बचा है। यदि वे जान बचाना चाहते हैं तो सरेंडर करें, अन्यथा इसके गंभीर परिणाम उन्हें भुगतने होंगे। जवानों ने कहा था- बासव राजू की बारात में जा रहे हैं नारायणपुर एसपी प्रभात कुमार का तबादला हो चुका है। बताया जाता है कि जिस मुठभेड़ में नक्सली संगठन का महासचिव गगन्ना उर्फ बासवराजू मारा गया था, उस समय प्रभात कुमार ने डीआरजी जवानों का खासा उत्साह बढ़ाया था। तब जवानों ने भी कहा था कि वे बासवराजू की बारात में जा रहे हैं और दूल्हे को लेकर ही लौटेंगे।

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