अपनों के लिए तोड़े नियम:अनुभव के लिए लगाया फर्जी सर्टिफिकेट एग्जाम 40 अंकों का, चहेतों को दिए 46 नंबर

वन विभाग में वाहन चालकों की भर्ती में बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आयाहै। बलौदाबाजार वन मंडल में वाहन चालक भर्ती में चहेतों को नौकरी देने के लिए न सिर्फ नियमों की अनदेखी की गई, बल्कि दस्तावेज के सत्यापन में भी जमकर गड़बड़ी हुई। यही नहीं पूर्णांक से ज्यादा अंक देकर पूरी भर्ती प्रक्रिया को ही संदेह के घेरे में डाल दिया। वन विभाग के उच्चाधिकारियों ने भी इस मामले में गड़बड़ी की आशंका जाहिर की है। साथ ही जांच कराने की भी बात कही है। दरअसल, बलौदाबाजार वन मंडल में हल्का वाहन चालक के तीन और भारी वाहन चालक के 2 पदों के लिए परीक्षा हुई। वन मंडल स्तरीय चयन समिति ने 3 अप्रैल से 11 अप्रैल तक वाहन चालन कौशल परीक्षा, वाहन मशीन ज्ञान की प्रायोगिक परीक्षा ली। इन सभी परीक्षाओं में मिले अंकों के साथ ही अनुभव के अंकों को भी जोड़कर परिणाम जारी किया गया। इसमें हल्का वाहन चालक के 3 पदों के लिए 178 कंडीडेट और भारी वाहन के 2 पदों के लिए 73 कंडीडेट को क्वालिफाई बताते हुए सूची जारी की गई। दावा आपत्ति के लिए जब सूची प्रकाशित की गई तब गड़बड़ी उजागर हुई। हल्का-भारी वाहन चलाने का अनुभव साथ-साथ वाहन चालक भर्ती के लिए अनुभव जरूरी है। ऐसे में दो आवेदक ऐसे हैं जिन्होंने हल्का वाहन के साथ ही भारी वाहन के लिए भी आवेदन किया है। हल्का और भारी वाहन के लिए बनने वाली दोनों मेरिट सूची में उनका नाम है। सवाल यह है कि यदि आवेदक के पास हल्का वाहन चलाने का अनुभव है तो उसने भारी वाहन चलाने का अनुभव कहां से प्राप्त कर लिया। इसकी शिकायत मुख्य वन संरक्षक रायपुर सर्कल से की गई है। डिप्टी रेंजर ने ली मशीनी ज्ञान की परीक्षा वाहन चालन एवं प्रायोगिक मशीन ज्ञान की परीक्षा नियमानुसार आरटीओ अधिकारी और पीडब्लूडी के इंजीनियर, पुलिस महकमे के आरआई द्वारा किया जाना था। लेकिन परीक्षा स्थल पर वाहन मशीनी ज्ञान की परीक्षा एक डिप्टी रेंजर द्वारा ली गई। आवेदकों का कहना है कि वाहन चालन परीक्षा परिणाम एवं प्रवीणता सूची वन मंडल द्वारा चयन समिति द्वारा जारी सूची में रक्षित निरीक्षक एमटी शाखा से रेखा ठाकुर ने हस्ताक्षर किया है। जबकि वे परीक्षा स्थल पर उपस्थित ही नहीं थीं। भारी वाहन में 15 आवेदकों को मिले 40 से ज्यादा अंक
हल्का और भारी वाहन चालक के वाहन चलाने के अनुभव के परीक्षण के लिए चयन समिति ने 40 अंक तय किया है। मशीनी ज्ञान परीक्षा में 50 अंक, अनुभव में 10 अंक तय किया गया था। लेकिन हल्का वाहन केटेगरी में 3 आवेदकों को 40 से ज्यादा अंक मिले हैं, जबकि भारी वाहन केटेगरी में 15 आवेदकों को 40 से ज्यादा अंक मिले हैं। वाहन चालक भर्ती में अनियमितता का मामला संज्ञान में आया है। भर्ती प्रक्रिया में कहां गड़बड़ी हुई है। इसकी जांच करवाएंगे।
– राजू आगाशीमनी, सीसीएफ, रायपुर सर्कल

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