कोडरमा… जिले में 8 तक के 75677 बच्चों के लिए कुल 4 करोड़ 50 लाख 6200 एवं में कक्षा 9 से 12 के लिए कुल 33379 बच्चों के लिए 4 करोड़ 54800 राशि आवंटित होती है। खूंटी… जिले के 1 से आठ क्लास के 41067 बच्चों में से 40079 बच्चों के खाते में पोशाक, स्वेटर,जूता मोचा के लिए सीधे उसके खाते में 600-600 रुपए भेज दिया गया। चाईबासा… स्टेट से फंड नहीं आया जिले में राशि का आवंटन नहीं होने के कारण अब तक पोशाक बच्चों को उपलब्ध नहीं हो सकी है। गुमला… जिले में राशि का आवंटन नहीं होने के कारण अब तक पोशाक बच्चों को उपलब्ध नहीं हो सकी है। िफलहाल 01 से 02 क्लास तक के 54320 बच्चों को स्वेटर का पैसा भेज दिया गया है। लातेहार… जिले में आवंटन नहीं होने से बच्चों को अब तक पोशाक उपलब्ध नहीं हो सकी है। विभाग की ओर से जिले में कक्षा 1-2 तक में बच्चों की संख्या 32480 और 3-8 तक में 91520 बताई गई है। चतरा… चतरा जिले में 78920 बच्चों को अब तक यह राशि नहीं मिल पाई है। इसलिए स्वेटर नहीं मिल पाया। बोकारो… कक्षा 1-2 की राशि स्कूल प्रबंधन समिति के खाते में और 3 से 12 तक के बच्चों की राशि उनके खाते में दी जाती है। लेकिन अभी तक नहीं मिली। भास्कर टीम | गढ़वा वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए नई पोशाक, स्वेटर या जूता-मोजा खरीदने के लिए राशि नहीं मिली है। आमतौर पर स्कूली बच्चों के स्वेटर के लिए सितंबर-अक्टूबर में आ जाने वाली राशि नवंबर के आखिरी सप्ताह तक नहीं आई है। अब दिसंबर के पहले सप्ताह में भी बच्चों को इस मद में राशि नहीं मिलने की संभावना है। पैसे को जिला स्तर से संबंधित स्कूलों के बच्चों को डायरेक्ट उनके खातों में भेजा जाता है। चतरा के जिला शिक्षा अधीक्षक रामजी कुमार ने बताया कि स्टेट से पोषक मद के लिए राशि नहीं भेजी गई है। इसके कारण बच्चों के खाते में पैसे नहीं भेजे गए हैं। पलामू के सर्व शिक्षा अभियान के एडीपीओ अंबुज पाण्डेय ने बताया कि पैसे के अभाव में पोशाक/स्वेटर नहीं मिल रहा है। जानकारी के अनुसार झारखंड शिक्षा परियोजना के अनुसार केंद्र से फंड नहीं मिला है। पछवा हवा के कारण कनकनी रोज बढ़ रही है। पलामू में तीन लाख हैं बच्चे, एक लाख को मिली राशि: तीन लाख बच्चे हैं, राशि मिली मात्र एक लाख को पलामू में चालू शैक्षणिक सत्र में वर्ग 1 से 8 तक 3,04,000 बच्चों को पोशाक दिया जाना है। लेकिन इसमें अभी तक 1,11,000 बच्चों को ही पोशाक की राशि उनके खाते में दी जा सकी है। यह पैसा उनके खाते में पिछले महीने ही अक्टूबर के मध्य में भेजा गया है। करीब 9-12 तक के 60 हजार बच्चों को भी स्वेटर नहीं मिला है। इसे भी जानिए …. सितंबर-अक्टूबर में पैसे खातों में आने का प्रावधान झारखंड में सरकारी स्कूलों में बच्चों को स्वेटर बांटने का काम आमतौर पर सितंबर-अक्टूबर के दौरान किया जाता है। क्योंकि वित्तीय वर्ष के लिए पोशाक की राशि इसी दौरान वितरित की जाती है। यह राशि बच्चों के डीबीटी के माध्यम से भेजी जाती है। और फिर स्कूल प्रबंधन बच्चों को स्वेटर या पोशाक उपलब्ध कराता है। रामनारायण प्लस टू उच्च विद्यालय पदमा, हजारीबाग।


