भास्कर न्यूज | जालंधर पंजाब की सबसे ऐतिहासिक और पुरानी दरगाह हजरत इमाम नासिर उद्दीन अबू यूसुफ चिश्ती रहमतुल्लाह अलैह के रखरखाव और डेवलपमेंट को लेकर मुस्लिम समुदाय की तरफ से दीपक बाली को ज्ञापन सौंपा गया। पंजाब वक्फ बोर्ड के एस्टेट अफसर शकील अहमद ने पंजाब हेरिटेज व टूरिज्म विभाग के सलाहकार दीपक बाली को बताया कि रेवेन्यू रिकॉर्ड और गजट नोटिफिकेशन के मुताबिक सारा एरिया पंजाब वक्फ बोर्ड के अंडर है। यह दरगाह देश की सबसे पुरातन और ऐतिहासिक दरगाहों में शुमार है क्योंकि करीब 1400 साल से ज्यादा का समय हो चुका है। इस दरगाह के अंदर शेख बाबा फरीद जी 40 दिनों तक खुदा की इबादत कर चुके हैं, जिनका कमरा भी वहां पर बना हुआ है। उन्होंने कहा कि पंजाब टूरिज्म विभाग और केंद्रीय मंत्रालय की तरफ से इस दरगाह की तरफ ज्यादा ध्यान न देने के चलते भी दरगाह लगातार अपना अस्तित्व खो रही है। दरगाह का मुख्य गेट सबसे आकर्षण का केंद्र है। इस पर मुगलकालीन समय की नक्काशी खराब हो चुकी है। उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार इस दरगाह की डेवलपमेंट को लेकर स्पेशल ग्रांट जारी करे ताकि दरगाह परिसर की डेवलपमेंट की जा सके और क्लॉक टॉवर सहित मीनारों पर दोबारा से नक्काशी करते हुए इनका रखरखाव किया जाए। इसके अलावा अंदर सरफेस और वॉशरूम नया बनाने की जरूरत है। दरगाह के बाहर जो अवैध तरीके से कब्जे हो चुके हैं, उन्हें हटाया जाए। इस मौके पर सैय्यद नासिर उद्दीन पीरजादा, अयूब खान, कलीम आजाद, दविंदर सिंह रोनी, पार्षद जतिन गुलाटी, गुरमीत सिंह मौजूद रहे।


