मुरैना जिले के पोरसा कस्बे में 12 सितंबर को कुछ युवकों द्वारा बुरी तरह पीटे गए युवक की जयपुर के एसएमएस अस्पताल में शुक्रवार रात को मौत हो गई। युवक की मौत के बाद परिजनों ने शनिवार को गुस्से में आकर एनएच-552 पर मृतक का शव रखकर तीन घंटे तक जाम लगाया। परिजनों ने आरोप लगाया कि पुलिस ने अभी तक इस मामले में उचित कार्रवाई नहीं की है और आरोपी खुले घूम रहे हैं। 12 सितंबर को हुई थी मारपीट पोरसा के रहने वाले भीमसेन सिंह तोमर का पोरसा के ही कुछ युवक शनि तोमर, गोलू तोमर, रामलाल, कलाकार, श्याम पंडित व अन्य से विवाद हो गया था। 12 सितंबर की रात करीब 10 बजे इन आरोपियों ने भीमसेन के साथ बेरहमी से मारपीट की। इस हमले में भीमसेन की जीभ कट गई और वह गंभीर रूप से घायल हो गया। पहले उसे पोरसा अस्पताल ले जाया गया, फिर वहां से जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया।, 23 दिन बाद जयपुर में तोड़ा दम जिला अस्पताल में स्थिति बिगड़ने पर परिजन उसे जयपुर ले गए, जहां एसएमएस अस्पताल में भर्ती कराया गया। वहां 23 दिनों तक जिंदगी और मौत से जूझने के बाद शुक्रवार रात भीमसेन की मौत हो गई। गुस्साए परिजनों ने किया सड़क जाम शनिवार को भीमसेन का शव पोरसा लाने के बाद परिजनों और स्थानीय लोगों ने राष्ट्रीय राजमार्ग NH-552 को जाम कर दिया। मृतक के भाई अजीत तोमर ने कहा कि पुलिस ने अब तक आरोपियों पर सख्त कार्रवाई नहीं की है। एफआईआर में भी हत्या की धारा नहीं जोड़ी गई, जबकि आरोपियों की वजह से ही भीमसेन की जान गई। परिजनों का कहना है कि उन्हें लगातार धमकियां भी मिल रही थीं, लेकिन पुलिस ने इस पर ध्यान नहीं दिया। परिजनों ने प्रशासन से की ये मांगें समझाइश के बाद खोला जाम लगभग तीन घंटे चले जाम के बाद मौके पर पहुंचे एसडीओपी रवि भदौरिया ने परिजनों से चर्चा की। उन्होंने सभी मांगों को लिखित में लेकर वरिष्ठ अधिकारियों तक भेजने का आश्वासन दिया। इसके बाद परिजनों ने जाम खोला और यातायात सामान्य हुआ। पुलिस ने कहा है कि मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है और नियमानुसार सभी मांगों पर विचार किया जाएगा। आरोपियों की गिरफ्तारी और आगे की कार्रवाई के लिए कानूनी प्रक्रिया जारी है।


