भास्कर न्यूज | अमृतसर यूनाइटेड किसान मोर्चा से जुड़े किसान संगठनों, ट्रेड यूनियनों, खेत मजदूर संगठनों और बिजली कर्मचारियों की एक जॉइंट मीटिंग कुलविंदर सिंह मान की अध्यक्षता में हुई। जिसमें केंद्र सरकार द्वारा लाए जा रहे इलेक्ट्रिसिटी अमेंडमेंट बिल एवं सीड बिल 2025 को वापस लेने और मजदूर विरोधी चार लेबर कोड को रद्द करने की मांग को लेकर 16 जनवरी को जिलाधीश कार्यालय के समक्ष विशाल धरना देने का फैसला लिया गया। मीटिंग को संबोधित करते हुए डॉ. सतनाम सिंह अजनाला, लखबीर सिंह निजामपुर ने कहा कि इलेक्ट्रिसिटी बिल के लागू होने से बिजली आम लोगों की पहुंच से बाहर हो जाएगी। इसी तरह सीड बिल के पास होने से खेती पर बुरा असर पड़ेगा और बीजों का पूरा हक मल्टीनेशनल कंपनियों के पास चला जाएगा। मीटिंग में मौजूद नेताओं ने केंद्र की भाजपा सरकार द्वारा मनरेगा एक्ट को खत्म करके लाए गए नए कानून जी राम जी पर चर्चा की। उन्होने कहा कि इससे ग्रामीण इलाकों में रोजगार के मौके खत्म हो जाएंगे। मीटिंग में मौजूद ट्रेड यूनियन नेता नरिंदर बल और गुरप्रीत सिंह जस्सल ने चार नए लेबर-एंटी लेबर कोड वापस लेने की मांग की। उन्होंने कहा कि बिजली बिलों पर सरचार्ज बंद किया जाए। मीटिंग में एक प्रस्ताव पास किया गया और यह जोरदार मांग की गई कि 70 साल से कब्जा किए हुए श्री गुरु रामदास हॉस्पिटल के ट्रस्ट को किसानों की फसलें बर्बाद करने की किसी भी कीमत पर इजाजत नहीं दी जाएगी और जिला प्रशासन से दोषियों के खिलाफ सख़्त कार्रवाई की मांग की जाएगी। मीटिंग में किसान नेता रतन सिंह रंधावा, सविंदर सिंह मीरांकोट, भूपिंदर सिंह छीना, बलदेव सिंह वेरका, हरजीत सिंह झीता, विजय कपूर छेहर्टा, खेत मज़दूर नेता मंगल सिंह खजला, बिजली कर्मचारी लीडर मनजीत सिंह बासरके और अमनबीर सिंह सिंह मौजूद थे।


