वर्ल्ड एब्डोमिनल कैंसर डे के अवसर पर 19 मई को होने वाले वैश्विक जागरूकता अभियान की शुरुआत इंस्टीट्यूट ऑफ इवेंट मैनेजमेंट (आईआईईएमआर) और एब्डोमिनल कैंसर डे के फाउंडर डॉ. संदीप जैन की पहल पर सोमवार को फोर्टिस हॉस्पिटल में इवेंट कैलेंडर लॉन्च के साथ हुई। इस अवसर पर एब्डोमिनल कैंसर ट्रस्ट, फोर्टिस हॉस्पिटल और आईआईईएमआर के हेल्थ एक्सपर्ट्स और विशेषज्ञ शामिल हुए। इस अभियान के तहत 18 मई को दुनियाभर के 25 से अधिक शहरों में एक साथ मल्टी सिटी वॉक आयोजित की जाएगी। 19 मई को पैनल डिस्कशन और जागरूकता से जुड़े विभिन्न आयोजन होंगे। इस वर्ष की थीम “अवेयरनेस इज़ पॉवर” रखी गई है, जिसका उद्देश्य आम जनता को एब्डोमिनल कैंसर के लक्षणों, समय पर जांच और उपलब्ध उपचार विकल्पों के प्रति जागरूक करना है। इवेंट कैलेंडर लॉन्च समारोह में फोर्टिस हॉस्पिटल के एमएसओजी ग्रुप हेड डॉ. बिष्णु पाणिग्रही, डायरेक्टर डॉ. मनीष अग्रवाल, गैस्ट्रोएंट्रोलॉजी हेड डॉ. एस.एस. शर्मा, मेडिकल सुप्रीटेंडेंट डॉ. मणिकांत जैन, एब्डोमिनल कैंसर ट्रस्ट के फाउंडर डॉ. संदीप जैन, आईआईईएमआर निदेशक मुकेश मिश्रा और चीफ कोऑर्डिनेटर एडवोकेट कमलेश शर्मा मौजूद रहे। डॉ. संदीप जैन ने कहा कि कैंसर से लड़ाई सिर्फ इलाज से नहीं, जागरूकता से भी लड़ी जाती है। एब्डोमिनल कैंसर एक खतरनाक लेकिन समय पर पहचान होने पर नियंत्रित किया जा सकने वाला कैंसर है। हमारा प्रयास है कि अधिक से अधिक लोग इसके बारे में जागरूक हों और समय पर सही कदम उठाएं।” आईआईईएमआर के निदेशक मुकेश मिश्रा ने बताया कि 19 मई को एब्डोमिनल कैंसर डे के मौके पर होने वाले पैनल डिस्कशन में विशेष रूप से बड़ी आंत के कैंसर पर चर्चा की जाएगी, जबकि एक दिन पहले 18 मई को मल्टीसिटी वॉक के जरिए स्वस्थ जीवनशैली और समय पर जांच का संदेश दिया जाएगा। 15 अप्रैल को इवेंट कैलेंडर लॉन्च, 23 अप्रैल को सिटी एम्बेसेडर अनाउंसमेंट, 15 मई को इवेंट लॉन्च, 18 मई को मल्टीसिटी वॉक और 19 मई को वर्ल्ड एब्डोमिनल कैंसर डे एवं पैनल डिस्कशन जैसे इवेंट होंगे। क्या है एब्डोमिनल कैंसर
एब्डोमिनल कैंसर वे कैंसर होते हैं जो पेट (एब्डोमेन) के भीतर स्थित विभिन्न अंगों को प्रभावित करते हैं। इनमें गैस्ट्रिक, लिवर, पैंक्रियाज, कोलन, रेक्टल, गॉल ब्लैडर, ओवेरियन, पेरिटोनियल, किडनी और छोटी आंत के कैंसर शामिल होते हैं। इनके लक्षण, निदान और उपचार भिन्न होते हैं। जागरूकता, समय पर जांच और स्वस्थ जीवनशैली अपनाकर इनसे बचाव संभव है।


