ईजी रजिस्ट्री पोर्टल पर सब-रजिस्ट्रारों की आईडी बनना बाकी, अधूरे कैबिन में बैठे रहे वकील-ऑपरेटर

भास्कर न्यूज | अमृतसर 15 जुलाई से ऑनलाइन रजिस्ट्री जिले में लागू कराया जाना है जिसे लेकर प्रशासन ने 1 जुलाई से ट्रायल शुरू करने का प्लान तैयार किया था जो रेवेन्यू विभाग व पीडब्ल्यूडी विभाग के अफसरों की लापरवाही के कारण तैयारियां अधूरी रहने से फेल हो गया। अब ट्रायल की डेट 4 जुलाई तक एक्सटेंड की गई है। बता दें कि ऑनलाइन रजिस्ट्री से जुड़े कामों को समय पर पूरा कराने के लिए डीआरओ नवकीरत सिंह रंधावा को नोडल अफसर लगाया गया है। सब-रजिस्ट्रार दफ्तरों में तैयारियां अधूरी रहीं तो ज्वाइंट सब-रजिस्ट्रारों के आईडी ईजी रजिस्ट्री पोर्टल पर नहीं बन पाए। वहीं सेवा केंद्र के ऑपरेटरों व डीड राइटरर्स ने 48 घंटे पहले तो पोर्टल पर कच्ची रजिस्ट्री तैयार कर डॉक्यूमेंट अपलोड नहीं किया। हैरानी तो यह है कि ऑनलाइन रजिस्ट्री के लिए 1 माह से तैयारियां चल रही थी जो अफसरों की लापरवाही के कारण पूरी नहीं हुईं। तहसील वन और टू दोनों ही दफ्तरों में अधूरे कैबिन में एडवोकेट-कंप्यूटर ऑपरेटर व रेवेन्यू एक्सपर्ट के अलावा हेल्प डेस्क मुलाजिम कुर्सियों पर बैठे रहे। डीसी की सख्ती के बाद उन्हें भरोसा था कि ट्रायल 1 जुलाई से हर हाल में शुरू हो जाएगा। हालांकि जिस सुस्त गति से काम चलता रहा, देर शाम 5 बजे तक भी कैबिन बनाने का काम पूरा नहीं कराया जा सका था। बता दें कि 4 कैबिन बनाए जा रहे हैं जिसमें हेल्प डेस्क, सेवा केंद्र के ऑपरेटर, रेवेन्यू एक्सपर्ट (रिटायर्ड-पटवारी कानूनगो) और एडवोकेट शामिल हैं। जबकि इसके बाद वेटिंग एरिया होगा जहां पार्टियां बैठेंगी। वहीं लापरवाही का हाल यह है कि सब-रजिस्ट्रार और दूसरे कामों से जुड़े गलत स्पेलिंग तख्तियों में लिख दिए गए थे, जिनको हटवाकर दूसरी तख्तियां लगवाई गई। ऑनलाइन रजिस्ट्री का ट्रायल शुरू नहीं हो पाने के कारण रूटीन की तरह ऑफलाइन रजिस्ट्रियों का काम चलता रहा। तीनों तहसीलों में 164 रजिस्ट्रियां हुईं। बता दें कि डीसी साक्षी साहनी बीते 30 जून को दोपहर करीब 3:55 बजे अचानक ही तैयारियों का जायजा लेने पहुंची थी लेकिन एडवोकेट-कंप्यूटर ऑपरेटरों के लिए सब-रजिस्ट्रार दफ्तरों में कैबिन ही बनाया जाता रहा। डीसी ने चेतावनी दी थी कि सुबह 6 बजे तक काम पूरा नहीं हुआ तो सस्पेंड कर दिए जाओगे। हालांकि किसी भी अफसर के खिलाफ लापरवाही बरतने पर कोई एक्शन नहीं लिया गया है। अब 3 जुलाई तक हर हाल में तैयारियां पूरी करनी होगी। वहीं ऑनलाइन रजिस्ट्री को लेकर तहसील-2 में 3 सब-रजिस्ट्रार बैठेंगे, जिसके लिए 3 अलग-अलग कैबिन बनाए गए हैं। जबकि तहसील वन में 2 सब-रजिस्ट्रार के लिए कैबिन बनाने का काम पूरा हो गया है। दरअसल, तहसील वन और टू में 2-2 सब-रजिस्ट्रार थे। जिनके लिए अलग से कैबिन तैयार करवाना पड़ा। वहीं क्लर्कों के लिए भी अलग से केबिन बनकर तैयार हो चुके हैं। ^ऑनलाइन रजिस्ट्री को लेकर ट्रायल अब 4 जुलाई को निर्धारित किया गया है। रेवेन्यू और पीडब्ल्यूडी विभाग के अफसरों को चेतावनी जारी करने के बाद लगभग काम पूरा कर लिया है बचा हुआ काम तेजी से कराया जा रहा है। फिलहाल चीजें कंट्रोल में हैं। आगे दोबारा लापरवाही पाई गई तो विभागीय कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। जरूरी इक्यूपमेंट व फर्नीचर उपलब्ध कराया जा चुका है। -साक्षी साहनी, डीसी

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