लुधियाना| ग्रेटर लुधियाना एरिया डेवलपमेंट अथॉरिटी (गलाडा) ने उन कॉलोनी प्रमोटर्स के खिलाफ सख्ती शुरू कर दी है, जिन्होंने कॉलोनी का लाइसेंस तो ले लिया, लेकिन पांच साल बीत जाने के बावजूद गरीबों के हक की जमीन सरकार को नहीं सौंपी। इस मामले को गंभीरता से लेते हुए गलाडा की ओर से ऐसे 25 प्रमोटर्स को नोटिस जारी किए गए हैं। जानकारी के अनुसार, इन प्रमोटर्स ने अब तक ईडब्ल्यूएस (आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग) के लिए आरक्षित जमीन की पूरी जानकारी सरकार को नहीं दी है। कई कॉलोनाइजरों ने नियमों को नजरअंदाज करते हुए न सिर्फ यह जमीन सरकार को नहीं दी, बल्कि कुछ मामलों में इसे कॉलोनी के अन्य प्लॉट्स के साथ बेच भी दिया। जैसे ही यह मामला गलाडा के संज्ञान में आया, विभाग ने सख्त रुख अपनाते हुए संबंधित प्रमोटर्स के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी। गलाडा अधिकारियों के अनुसार, जिन प्रमोटर्स ने नियमों का उल्लंघन किया है, उनके खिलाफ लाइसेंस रद्द करने, जुर्माना लगाने और कानूनी कार्रवाई जैसे कदम उठाए जा सकते हैं।


