ईडी से बचने के लिए हेमंत सोरेन ने की अनुराग गुप्ता से डील : बाबूलाल

प्रदेश भाजपा अध्यक्ष बाबूलाल मरांडी ने शुक्रवार को आरोप लगाया कि ईडी से बचने के लिए सीएम हेमंत सोरेन ने अनुराग गुप्ता से डील की है। प्रदेश भाजपा कार्यालय में हुई प्रेस वार्ता में मरांडी ने दावा किया कि डीजीपी पद पर अनुराग गुप्ता की नियुक्ति की शर्त यही थी कि उन्हें झारखंड में ईडी के मुकदमों को मैनेज करना होगा। सरकार के भ्रष्टाचार का खुलासा करने वाले गवाहों पर झूठे केस चलाकर दबाव बनाना होगा। मरांडी ने कहा कि हेमंत सोरेन ने ही अनुराग गुप्ता को 24 फरवरी 2020 से 9 मई 2022 (26 महीने) तक निलंबित रखा। फिर, डील होने के बाद उन्हें डीजीपी बनाया। अनुराग गुप्ता के प्रयास से ईडी के अफसरों को डराने और काम रोकने के लिए तीन-तीन मुकदमे दर्ज कराए गए। इसकी जांच और कार्रवाई पर हाईकोर्ट को रोक लगानी पड़ी। हाल ही में ईडी के तीन गवाहों को पुलिस केस कर जेल भेजा गया। राज्य सेवा के कुछ अफसर, जिनके बयान पर ईडी ने कार्रवाई कर कई बड़े लोगों को पकड़ा, उनपर एसीबी और पुलिस के जरिए ईडी के खिलाफ बोलने का दबाव बनाया जा रहा है। 30 अप्रैल 2025 को अनुराग गुप्ता रिटायर हो गए। भारत सरकार ने उन्हें सेवा विस्तार नहीं दिया और राज्य सरकार से कह दिया कि वे डीजीपी नहीं रह सकते। वहीं, मरांडी के आरोपों पर अनुराग गुप्ता ने कुछ भी बोलने से इनकार किया है। प्रेस वार्ता में शिवपूजन पाठक और अजय साह भी थे। अनुराग पर भ्रष्टाचार, पक्षपात और फ्रॉड का हो चुका है केस मरांडी ने बताया कि अनुराग गुप्ता के खिलाफ भ्रष्टाचार, पक्षपात और फ्रॉड का केस हो चुका है। मगध विवि थाना केस नंबर 64/2000 में भादवि की धारा 420, 467, 468, 471, 474,109,116,119, 120(बी) और प्रीवेंसन ऑफ करप्शन एक्ट के अंतर्गत केस हुआ था। उनके मुख्यमंत्रित्व काल के अंतिम दिनों में उक्त मामले में प्रॉसीक्यूशन सैंक्शन के लिए बिहार से अनुरोध पत्र भी आया था। झारखंड देश का पहला राज्य, जो बिना डीजीपी के चल रहा मरांडी ने कहा कि दो दिनों से राज्य डीजीपी विहीन है। झारखंड देश का पहला राज्य है, जो बिना डीजीपी के चल रहा है। राज्य में एसीबी, सीआईडी और पुलिस के डीजी का पद रिक्त है। अनुराग गुप्ता 30 अप्रैल को रिटायर हो चुके हैं। ऐसे में उनके सारे निर्देश और निर्णय केंद्रीय गृह मंत्रालय के निर्देश के आलोक में असंवैधानिक हैं। ऐसे में मुख्यमंत्री अविलंब राज्य में नए डीजीपी की नियुक्ति करें।

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