भास्कर न्यूज | कवर्धा जिले में सोमवार को ईद पर्व मनाई जाएगी। इस पर्व को लेकर मुस्लिम समाज में उत्साह है। ईद पर्व मनाने से पहले सुबह विशेष नमाज अता की जाती है, जो केवल ईदगाह में पढ़ी जाती है। जिले के सभी ईदगाह में इस नमाज को पढ़े जाने तैयारी पूरी कर ली गई है। सभी ईदगाह में साफ-सफाई, रंगरोगन व टेंट लगाए गए है। कवर्धा जामा मस्जिद के मुतवल्ली हनीफ खान ने बताया कि आज शहर के ईदगाह में दो अलग-अलग समय में ईद की विशेष नमाज पढ़ी जाएगी। पहली जमात सुबह 8.30 बजे होगी। इसके बाद दूसरी जमात सुबह 9.30 बजे होगी। उन्होंने बताया कि रविवार शाम को चांद की तस्दीक हुई है। 29वें रोजे में चांद की तस्दीक हुई है। ऐसे में इस बार 29 रोजे रखे गए। उन्होंने बताया कि मक्का (सऊदी अरब) से पैगंबर हजरत मुहम्मद के प्रवास बाद पवित्र शहर मदीना से ईद का पर्व शुरू हुआ था। इसके अलावा पैगंबर हजरत मुहम्मद ने बद्र की लड़ाई में जीत भी हासिल की थी। जीत की खुशी में मुंह मीठा कराया गया था। इस कारण इस दिन को मीठी ईद या फिर ईद-उल-फितर कहा जाता है। ईद पर्व को लेकर शनिवार को कवर्धा शहर के जामा मस्जिद के आसपास मार्केट में भीड़ रही। लोग सेवई, मीठा, कपड़े समेत अन्य सामान खरीदते दिखाई दिए। इस बार सेवई की डिमांड ज्यादा थी, जो प्रति किलो 100 से 150 रुपए बिके है। समर्पण को दर्शाता है पर्व मुतवल्ली हनीफ खान ने बताया कि यह पर्व त्याग व अपने मजहब के प्रति समर्पण को दर्शाता है। यह बताता है कि एक इंसान को अपनी इंसानियत के लिए इच्छाओं का त्याग करना चाहिए, जिससे कि एक बेहतर समाज का निर्माण हो सके। यह ईद रमजान के रोजों व इबादत के बाद खुशियों और मोहब्बत का पैगाम लाती है। जहां रमजान में संयम, शब्र और भूख प्यास के एहसास के माध्यम से समानता का संदेश मिलता है,तो दान पुण्य के माध्यम से सबको साथ ले कर चलने का संदेश मिलता है। यह पर्व मूल रूप से भाईचारे को बढ़ावा देने वाला त्योहार है।


