भास्कर न्यूज | अमृतसर दुर्ग्याणा के गोस्वामी तुलसीदास मंदिर में श्री राम कथा एवं भक्तमाल कथा शुरू की गई। इसमें वृंदावन ब्रज रसिक नंदगांव बृजभूषण तिवारी ने अपने मुखारविंद से भक्तों को कथा सुनाकर मंत्रमुग्ध किया। शाम 3 से 7 बजे तक चली कथा में महाराज ने कहा कि प्रभु श्री राम भक्तों के तारनहार हैं। प्रभु की वाणी और उनकी सुंदरता देखकर हर कोई उनकी तरफ आकर्षित हो जाता है। उन्होंने कहा कि भक्त की भक्ति में ऐसी शक्ति होती है कि भगवान उसके तरफ खुद ही खींचे चले आते हैं। उन्होंने कहा कि हमारा यह शरीर और आत्मा ईश्वर का दिया हुआ है। ईश्वर का ध्यान करने से जीवन के सभी दुख दर्द नष्ट हो जाते हैं। प्रभु श्रीराम एक आज्ञाकारी पुत्र थे। माता कैकई के एक आदेश पर जीवन के सभी सुख-सुविधा को त्याग कर वनवास चले गए, लेकिन वनवास के दौरान भी उन्होंने प्रभु श्रीहरि और देवों के देव महादेव का ध्यान करना नहीं छोड़ा। वनवास के दौरान श्रीराम कई कठिन परिस्थिति से गुजरे। इस मौके पर कई भक्तजन मौजूद रहे।


