ईश्वर की अनुभूति करने के िलए आंतरिक जीवन में शुद्धता जरूरी

िसटी िरपोर्टर | धनबाद संत अंथोनी चर्च में क्रिसमस आगमन काल का तीसरा रविवार मनाया गया। क्रिसमस आगमन के चार रविवार पूर्व से ही क्रिसमस की तैयारी शुरू हो जाती है। आगमन काल का प्रत्येक रविवार प्रतीक के रूप में मनाया जाता है। यह ईसा मसीह के जन्म और उनके दूसरे आगमन की प्रतीक्षा और तैयारी का समय होता है। विशेष प्रार्थना सभा कर तीसरा रविवार आनंद का प्रतीक के रूप में मनाया गया। संत अंथोनी चर्च के मुख्य फादर अमातुस कुजूर ने कहा कि क्रिसमस के आगमन तीसरे रविवार में हम सभी प्रवेश कर रहे हैं और इसके साथ ही हम प्रभु यीशु ख्रीस्त के जन्म पर्व की स्मृति के बहुत करीब आ गए हैं। कलीसिया हम सबों को आंतरिक रूप से अपने आप को तैयार करने का आह्वान बार-बार देती है ताकि हम ईश्वर से मुलाकात कर सकें। ईश्वर की अनुभूति अपने अंत तक हो सकने के लिए आंतरिक जीवन में शुद्ध रहना आवश्यक है क्योंकि ईश्वर बिल्कुल स्वच्छ व परिशुद्ध हैं। हम सभी चाहते हैं कि ईश्वर के पुत्र प्रभु यीशु के जन्म की खुशी का अनुभव आंतरिक तरीके से कर सकें, इसके लिए अपने आप को तैयार करें। इसका आह्वान बार-बार किया जा रहा है।

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