ईस्टर पर गिरजाघरों में हुई प्रार्थना सभाएं:कोंडागांव में ईसाई परिवारों ने प्रार्थना की; दिवंगत प्रियजनों की कब्रों पर फूल चढ़ाए

कोंडागांव में ईसाई समुदाय ने ईस्टर का पवित्र पर्व बड़े उल्लास के साथ मनाया। शहर के प्रमुख गिरजाघरों में सुबह से ही विशेष प्रार्थना सभाओं का आयोजन किया गया। इन सभाओं में बड़ी संख्या में लोगों ने हिस्सा लिया। पंकज राव ने बताया कि ईसाई परिवारों ने अपने दिवंगत प्रियजनों की कब्रों पर फूल चढ़ाए। कब्रों को सजाया और मोमबत्तियां जलाकर प्रार्थना की। फूल जीवन और पुनर्जन्म का प्रतीक हैं। मोमबत्तियां प्रकाश और आत्मा की अमरता को दर्शाती हैं। प्रार्थना आत्मा की शांति और यीशु से जुड़ने का माध्यम है। प्रेम, त्याग और आशा का संदेश कोंडागांव के मुख्य गिरजाघर में आयोजित सामूहिक प्रार्थना सभा में समाज के लोगों ने कहा कि ईस्टर प्रेम, त्याग और आशा का संदेश देता है। यह सिखाता है कि अंधकार के बाद प्रकाश अवश्य आता है। इस अवसर पर बच्चों और युवाओं ने सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दीं। कुछ स्थानों पर ईस्टर अंडे की सजावट की गई। विशेष भोज का भी आयोजन किया गया। समुदाय के लोग एकत्र होकर पर्व की खुशियां बांटते नजर आए। क्यों मनाते है ईस्टर ईस्टर रविवार को ईसा मसीह के पुनरुत्थान की स्मृति में मनाया जाता है। यह ईसाई धर्म का सबसे महत्वपूर्ण त्योहार है। यीशु मसीह मृत्यु के तीन दिन बाद पुनर्जीवित हुए थे। इसी की याद में कब्र को सजाया जाता है, जो पुनरुत्थान की आशा और विजय का प्रतीक है।

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