ईस्ट जिले में 22 दिन में दूसरा ब्लाइंड मर्डर:रिंग रोड पुलिया के पास मिला महिला का अर्धनग्न शव, पहचान छिपाने को जलाया, शरीर पर लिखे नाम खरोंचे

राजधानी में 22 दिन पहले मिले युवती के अर्धनग्न शव की गुत्थी पुलिस सुलझा भी नहीं पाई है कि वैसा ही एक और मामला सामने आया है। यह मामला भी कमिश्नरेट के ईस्ट जिले का है। कानोता थाना पुलिस को रविवार को खातीपुरा रेलवे स्टेशन के आगे भटेसरी रिंगरोड पुलिया के नीचे महिला का अर्धनग्न और आधा जला हुआ शव मिला है। आरोपियों ने पहचान छिपाने के लिए महिला के शरीर पर दो जगह लिखे नाम भी खरोंच दिए। थानाधिकारी हिम्मत सिंह ने बताया कि सूचना मिलते ही अधिकारी और एफएसएल टीम मौके पर पहुंच गई। वीडियोग्राफी के बाद शव को महात्मा गांधी हॉस्पिटल की मोर्चरी में रखवाया है। महिला की उम्र 35 से 40 साल के बीच है। जलने से शरीर पर ऐसा कोई निशान नहीं मिला जिसकी मदद से शिनाख्त की जा सके। पहचान न हो सके, इसलिए हाथ पर परवीन और कंधे पर लिखा एमटी भी खरोंचा गया है। पुलिस शहर के सभी थानों में इस उम्र की महिलाओं की दर्ज गुमशुदगी के आधार पर परिजनों से संपर्क कर शिनाख्ती के प्रयास कर रही है। उधर, मौके पर कोई सीसीटीवी कैमरा नहीं होने से पुलिस को आरोपियों की पहचान कर पाना मुश्किल हो रहा है। बता दें कि 11 जनवरी को रामनगरिया थाना इलाके में बांबे हॉस्पिटल के सामने सड़क किनारे करीब 25 साल की युवती का शव भी अर्धनग्न अवस्था में मिला था। युवती की हत्या गला दबा कर की गई थी। शव को पुलिस ने जेएनयू अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया। घटनास्थल पर कोई सीसीटीवी कैमरा नहीं मिलने से पुलिस 22 दिन बाद भी शिनाख्ती और आरोपियों को तलाश नहीं कर पाई है। पुलिस को मौके पर दो कट्टे मिले थे, जिसमें शव को छिपा कर फेंका गया था। महिला के हाथ पर राहुल दूना गुदा हुआ था। पुलिस तकनीक के भरोसे, मैनुअल जांच में फेल आधुनिकता की दौड़ में पुलिस हाईटेक तो हो गई, लेकिन मुखबिर तंत्र में पूरी तरह फेल हो गई। बीट प्रणाली होने के बावजूद बीट कांस्टेबल का सूचना तंत्र इतना मजबूत नहीं हैं कि उन्हें होने वाली घटना या अन्य सूचना समय पर मिले। इसी कारण शहर में लूट और वाहन चोरी जैसे मामले बढ़ते जा रहे हैं। कानोता बाग में बुजुर्ग महिला और दो नौकरों का बंदी बनाकर लूटने वाले आरोपियों के सीसीटीवी फुटेज पुलिस को मिल गए थे। वे आगरा की तरफ जाते नजर आए थे। इसकी मदद से पुलिस ने 7 दिन में आरोपियों को नेपाल से पकड़ लाई। सीसीटीवी नहीं तो खुलासा भी नहीं मानसरोवर के शिप्रा पथ थाना क्षेत्र में डॉक्टर को बंधक बनाकर लूटने वाले आरोपियों तक पुलिस अब तक नहीं पहुंच पाई है। यहां वारदात के दौरान एक घंटे का पावर कट था, जिससे सीसीटीवी बंद थे। रामनगरिया थाना क्षेत्र में बांबे हॉस्पिटल के सामने 22 दिन पहले पुलिस को महिला का शव मिला था। इसके एक किमी क्षेत्र में सीसीटीवी नहीं होने से पुलिस अब तक मामले का खुलासा नहीं कर पाई है।

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