भास्कर न्यूज | लुधियाना ई कैनिडियन स्कूल के छात्र बारहवीं की परीक्षा से ठीक पहले खुद को ठगा महसूस कर रहे हैं। यहां स्कूल ने दो साल स्कूल में पढ़ाई करवाने के बाद उन्हें दूसरे स्कूल (डिसेंट स्कूल) के स्टूडेंट दिखा कर, उस स्कूल का एडमिट कार्ड थमा दिया। जानकारी अनुसार यहां स्टूडेंट्स दो साल पंजाब स्कूल एजुकेशन बोर्ड के तहत पढ़ते रहे और अब बारहवीं क्लास के स्टूडेंट्स को एडमिट कार्ड जो जारी किया गया है उसमें डिसेंट पब्लिक सीनियर सेकेंडरी स्कूल सलेम टाबरी का नाम दिया गया है। ध्यान में मामला आने पर मंगलवार को कई पेरेंट्स स्कूल पहुंचे और जमकर हंगामा किया। लेकिन पेरेंट्स को कोई ठोस जवाब नहीं मिला। जिस पर स्कूल प्रबंधन के खिलाफ पुलिस को शिकायत दी गई है। जानकारी देते हुए पेरेंट कविता ने बताया कि जब उन्होंने मामला टीचर के समक्ष उठाया तो टीचर ने उन्हें बच्चे का साल खराब न होने की बात कही और कहा डिसेंट स्कूल उनकी फर्स्ट ब्रांच है। कविता के मुताबिक उन्होंने अपनी बेटी की एडमिशन ग्यारहवीं क्लास में इस स्कूल में करवाई थी। उस समय उन्हें कोई जानकारी नहीं दी गई कि फाइनल एग्जाम में ऐसा किया जाएगा। दो साल बेटी यहीं से पढ़ी है और उन्होंने इसी स्कूल की फीस अदा की लेकिन अब फाइनल एग्जाम के समय पर बच्चों से ठगी की गई है। उन्होंने कहा, बच्ची के सर्टिफिकेट में नाम भी डिसेंट स्कूल का आएगा जबकि वो दो साल ई कैनेडियन में पढ़ी है। यह बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ है। हमारी यही मांग है कि बच्चे दो साल इस स्कूल में पढ़े हैं तो सर्टिफिकेट भी इसी का चाहिए। पेरेंट्स ने बताया कि जब प्रैक्टिकल के लिए स्टूडेंट्स गए तो उन्हें स्कूल का कोट और आईडी कार्ड भी नहीं पहनने दिया गया और डिसेंट स्कूल के स्टूडेंट्स होने की बात कही गई। पेरेंट्स ने इस संबंध में बसंत एवेन्यू दुगरी पुलिस चौकी में लिखित में शिकायत भी दी है। वहीं, पेरेंट्स द्वारा बुधवार को पुलिस कमिश्नर और जिला शिक्षा अधिकारी को भी शिकायत दी जाएगी। इस संबंध में ई कैनेडियन स्कूल की प्रिंसिपल अल्का से बात की गई तो उन्होंने बताया कि स्कूल की मान्यता के लिए अप्लाई किया गया है लेकिन फाइल अभी पास नहीं हुई है। पेरेंट्स को जानकारी दी गई थी। हमने वेरिफिकेशन फॉर्म में पेरेंट्स के साइन भी करवाए और उन्हें जानकारी भी दी थी। डिसेंट स्कूल सलेम टाबरी के एमडी मनप्रीत सिंह से बात करने पर उन्होंने मामले का पता करने की बात कही और फिर जवाब नहीं दिया। जिला शिक्षा अधिकारी डिंपल मदान ने कहा कि इस मामले के संबंध में स्कूल संचालकों से जवाबदेही ली जाएगी। इस बारे में पंजाब स्कूल एजुकेशन बोर्ड से भी स्कूल की मान्यता के बारे में जानकारी लेंगे। साथ ही उन्होंने पेरेंट्स से स्कूल की मान्यता की सारी जानकारी लेने पर ही बच्चों की एडमिशन करवाने की अपील की ताकि भविष्य में इस तरह की स्थिति से बचा जा सके। स्कूल के बाहर हंगामा करते पेरेंट्स।


