ई-टोकन से खाद : रासायनिक का उपयोग संतुलन करना मकसद

भास्कर संवाददाता| विदिशा जिले में ई-टोकन उर्वरक वितरण के लिए पॉयलट प्रोजेक्ट लागू किया गया है । इसके तहत अब तक 77,423 किसान खाद ले चुके हैं। 1 अक्टूबर 2025 से 4 दिसंबर 2025 के बीच 1,32,533 किसानों ने ई-टोकन लिया था। टोकन के जरिए खाद लेने की अवधि तीन दिन तय की गई है। जिले में कुल 1,13,035 किसानों ने ई-टोकन के लिए आवेदन किया था। अब तक 47,409 टन खाद का वितरण हो चुका है। नई व्यवस्था का मकसद खेतों में जरूरत से ज्यादा रासायनिक खाद के उपयोग को रोकना है। अधिक खाद से मिट्टी कठोर हो रही है। कृषि वैज्ञानिकों के तय मापदंडों के अनुसार ही अब खाद दिया जा रहा है। इससे खेतों में संतुलित मात्रा में ही खाद का उपयोग हो।कराखेड़ी गांव के किसान हुकुम दांगी के अनुसार साइट खुलने में परेशानी आती है। उप संचालक कृषि केशव खपेड़िया ने बताया कि ई-टोकन व्यवस्था से तय मात्रा में ही खाद मिल रहा है। जरूरत से ज्यादा रासायनिक खाद से मिट्टी और फसल दोनों को नुकसान होता है। ऐसे करें अप्लाई… किसान लिंक खोलकर या बार कोड स्कैन कर टोकन के लिए खुद आवेदन कर सकते हैं। आवेदन के बाद उन्हें ऑनलाइन रसीद मिलती है। इस रसीद के बार कोड को विक्रेता एप पर स्कैन करता है और तय मात्रा में खाद देता है।

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