व्यापारियों ने कहा- रांची | वर्तमान जीएसटी में कई खामियां हैं, जिसे दूर करने की मांग व्यापारी लगातार जीएसटी काउंसिल से कर रहे हैं। व्यापारियों का कहना है कि ई-वे बिल की बाध्यता खत्म होनी चाहिए। वैसे भी जीएसटी में ई-इन्वॉइस सिस्टम लागू है। कई दफा जीएसटी अधिकारी ई-वे बिल पर मनमानी करते हैं और फाइन लगाते हैं। वहीं, विक्रेता द्वारा माल आपूर्ति और ई-इन्वॉइसिंग के बाद भी रिटर्न नहीं दाखिल करने के कारण क्रेता को इनपुट टैक्स क्रेडिट नहीं मिल पाता है। ट्रांसपोर्टर धीरज ग्रोवर ने बताया कि ई-वे बिल को सरल बनाने की जरूरत है। प्रावधान है कि दूरी और समय के अनुसार ई-वे बिल की मान्यता रहती है। जाम के कारण या गाड़ी खराब हो जाने के कारण समय ज्यादा लग जाता है, तो इ-वे बिल फेल हो जाता है। इसे एक्सटेंड करने में टेक्निकल समस्या आती है। व्यापारी संजय अखौरी ने कहा कि ई-इन्वॉइसिंग के बाद विभाग को विक्रेता द्वारा की गई बिक्री की जानकारी मिल जाती है। ऐसे में क्रेता को इनपुट टैक्स क्रेडिट का लाभ माल खरीदी के माह में मिलना चाहिए।


