केंद्र सरकार और उच्च शिक्षा एवं तकनीकी विभाग के निर्देश के बाद भी राज्य के विश्वविद्यालयों को डिजिटलाइज्ड करने का कार्य पूरा नहीं हुआ है। इस कारण राज्य के विश्वविद्यालय निर्धारित लक्ष्य से दूर हैं। हाल में केंद्र और राज्य सरकार के आला अधिकारियों की समीक्षा बैठक में डिजिटलाइज्ड करने की गति बेहद धीमी रहने सामने आ चुकी है। अधिकारियों द्वारा राज्य के विश्वविद्यालयों से नाराजगी जताते हुए विवि में सभी तरह के कार्य डिजिटलाइज्ड करने के लिए कहा है। बताते चलें कि केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय द्वारा ई-सामर्थ पोर्टल लांच किया गया था। इस पोर्टल के माध्यम से विश्वविद्यालयों में सभी तरह के कार्य करने के लिए कहा गया था। उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग कई बार विवि अधिकारियों के साथ मीटिंग कर ई-समर्थ पोर्टल के माध्यम से सभी तरह के कार्य करना सुनिश्चित करने के लिए कहा था। इसके लिए राज्य के सभी विश्वविद्यालयों में नोडल पदाधिकारियों की नियुक्ति भी की गई थी। लेकिन इसके बाद भी बिनोद बिहारी महतो कोयलांचल यूनिवर्सिटी धनबाद को छोड़कर अन्य सभी विश्वविद्यालयों का परफारमेंस खराब रहा। इसके बाद रांची यूनिवर्सिटी प्रशासन द्वारा ई-समर्थ पोर्टल के नोडल पदाधिकारी को पद हटा दिया है और नए नोडल पदाधिकारी की नियुक्ति की गई है। एक क्लिक से जानकारी ई समर्थ पोर्टल से राज्य की सभी 10 स्टेट यूनिवर्सिटी और इसके अंतर्गत के कॉलेजों को जोड़ने की योजना पर कार्य चल रहा है। ई-समर्थ पोर्टल के माध्यम से कार्य होने लगेगा तो क्रांतिकारी बदलाव आएगा। साथ ही कार्य संस्कृति में सुधार होगा। इतना ही एक क्लिक में विवि के पे फिक्सेशन, शिक्षकों और कर्मचारियों का डाटाबेस समेत अन्य जानकारी मिल जाएगी। बताते चलें कि ई-पोर्टल के माध्यम से 44 तरह के विवि के कार्य संपादित किए जा सकते हैं। क्या है ई-समर्थ पोर्टल ई-समर्थ पोर्टल केंद्र सरकार के शिक्षा मंत्रालय द्वारा स्थापित एक डिजिटल प्लेटफॉर्म है। इसका उद्देश्य देश के सभी विश्वविद्यालयों समेत उच्च शिक्षा संस्थानों को छात्रों, कर्मचारियों समेत अन्य स्टेक होल्डरों से संबंधित कार्यों को डिजिटलाइज्ड करना है। इस पोर्टल के उपयोग से कम समय में पारदर्शी तरीके से कार्य संभव है। एक प्रकार से समर्थ ई-गवर्नेंस प्लेटफॉम तकनीक व शिक्षा वितरण को सहज तरीके से एकीकृत करता है।


