शिक्षकों के प्रमोशन में छात्रों का फीडबैक को भी किया जाएगा शामिल अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद (एआईसीटीई) द्वारा तकनीकी कॉलेजों में एआईसीटीई रेग्यूलेशन (डिग्री) 2019 में संशोधन किया जाने वाला है। अब तकनीकी कॉलेजों के लिए अब एआईसीटीई रेग्यूलेशन (डिग्री) 2024 लागू किया जाएगा। संशोधन होने के बाद शिक्षकों की नियुक्ति और प्रमोशन के नियमों में बदलाव हो जाएगा। संशोधन होने के बाद यूजी और पीजी में अलग-अलग ब्रांच (विषय) में पढ़ाई करने वाले छात्र भी तकनीकी कॉलेजों में शिक्षक बन सकेंगे। वे दोनों में से किसी भी ब्रांच का चयन कर सकते हैं। अभी तक शिक्षक बनने के लिए बीटेक और एमटेक दोनों में एक ही ब्रांच या विषय का होना जरूरी था। उदाहरण स्वरूप बीटेक कंप्यूटर साइंस और एमटेक मैकेनिकल इंजीनियरिंग विषय हैं तो कंप्यूटर साइंस या मैकेनिकल इंजीनियरिंग ब्रांच के लिए शिक्षक पद के योग्य होंगे। इतना ही नहीं, असिस्टेंट प्रोफेसर से एसोसिएट प्रोफेसर बनने के लिए प्रमोशन का आधार सिर्फ रिसर्च पेपर नहीं होगा। अब छात्रों का फीडबैक को भी शामिल किया जाएगा। संशोधन के बाद इसका लाभ एआईसीटीई के मान्यता प्राप्त इंजीनियरिंग, मैनेजमेंट, आर्किटेक्चर समेत अन्य तकनीकी कॉलेजों को होगा। डीन, प्रिंसिपल, निदेशक का पढ़ाने के घंटे कम होंगे संशोधन रेगुलेशन लागू होने के बाद डीन, प्रिंसिपल और डायरेक्टर या किसी भी प्रशासनिक पद पर नियुक्त अधिकारी के पढ़ाने के हर हफ्ते के घंटों में दो घंटे कम किए गए हैं। असिस्टेंट प्रोफेसर को हफ्ते में 16 घंटे, एसोसिएट प्रोफेसर को 14, प्रोफेसर को 12 घंटे है। वहीं डायरेक्टर व प्रिंसिपल को चार घंटे की पढ़ाई या लैब वर्क शामिल है। संशोधन के बाद शिक्षकों का ऐसे होगा प्रमोशन असिस्टेंट प्रोफेसर से एसोसिएट प्रोफेसर बनने के लिए अभी तक रिसर्च पेपर मुख्य आधार है। संशोधन के बाद रिसर्च पेपर व इनोवेशन और छात्रों का फीडबैक मुख्य होगा। इसके तहत छात्रों के फीडबैक के 30 अंक, एसीआर के 10 अंक, डिपार्टमेंट एक्टिविटी के 30 अंक और इंस्टीट्यूशन एक्टिविटी के 30 अंक रहेंगे। रिटायरमेंट की आयु पर फैसला राज्य लेगा तकनीकी कॉलेजों के शिक्षकों की सेवानिवृत्ति की आयु 65 साल से बढ़ाकर 70 साल करने की भी प्रस्ताव है। लेकिन एआईसीटीई इस फैसले का अधिकार राज्य सरकारों को देगा। राज्य सरकार चाहे तो रिटायरमेंट की आयु 70 वर्ष लागू कर सकता है।


