श्री महाकालेश्वर की नगरी उज्जैन में विदेशी पक्षियों का जमावड़ा लगा हुआ है। एशियन वॉटरबर्ड सेंसस (AWC) 2026 के तहत जिले के तालाबों और जलाशयों में किए गए सर्वेक्षण में कुल 67 पक्षी प्रजातियां दर्ज की गई हैं। इसे उज्जैन की जैव विविधता के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है। जिला वनमंडलाधिकारी अनुराग तिवारी ने बताया कि यह उज्जैन के जैव विविधता इतिहास में एक अहम घटना है। यह सर्वेक्षण 3 और 4 जनवरी को जिले के विभिन्न जलस्रोतों पर किया गया। इसमें देसी के साथ-साथ प्रवासी पक्षियों की उल्लेखनीय उपस्थिति सामने आई है। सर्वेक्षण 17 बर्ड वॉचर्स की एक टीम द्वारा किया गया। टीम ने उंडासा तालाब, सिलारखेड़ी तालाब, उज्जैन रोड क्षेत्र, गोगापुर क्षेत्र और पुरुषोत्तम सागर तालाब सहित कई प्रमुख जलाशयों और तालाबों में पक्षियों की गणना की। इन सभी जलस्रोतों पर पक्षियों की विविध प्रजातियां देखी गईं, जो क्षेत्र के अनुकूल पर्यावरण और जल उपलब्धता को दर्शाती हैं। सर्वे के दौरान ब्लैक-विंग्ड स्टिल्ट, लेसर व्हिस्लिंग डक, इंडियन स्पॉट-बिल्ड डक, सारस क्रेन, नॉर्दर्न शोवेलर, यूरेशियन कूट, कॉमन और वुड सैंडपाइपर, व्हाइट और ग्रे वैगटेल, सिट्रीन वैगटेल, लिटिल रिंग्ड प्लोवर, साइबेरियन स्टोनचैट, पाइड बुशचैट और मोरहेन जैसी प्रमुख प्रजातियां दर्ज की गईं।


