भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) ने बैतूल जिले में राष्ट्रीय राजमार्गों से अतिक्रमण हटाने के लिए जिला प्रशासन से तत्काल सहयोग मांगा है। प्राधिकरण के परियोजना निदेशक मनीष कुमार मीणा ने कलेक्टर को पत्र लिखकर बताया कि बैतूल-भोपाल और बैतूल-इंदौर मार्गों पर बड़े पैमाने पर अवैध निर्माण हो गए हैं। इन अतिक्रमणों से सड़क सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को गंभीर खतरा पैदा हो गया है, साथ ही कई स्थानों पर मीडियन ओपनिंग से हादसों का जोखिम बढ़ गया है। पत्र में उल्लेख किया गया है कि कई जगहों पर लोगों ने बिना वैध अनुमति के राजमार्ग की सीमा में निर्माण कर लिए हैं। इनमें सड़क किनारे दुकानें, गोदाम और अन्य व्यवसायिक प्रतिष्ठान शामिल हैं। यह स्थिति न केवल सड़क परियोजनाओं की प्रगति में बाधा डाल रही है, बल्कि यातायात की गति और यात्रियों की सुरक्षा के लिए भी खतरनाक साबित हो रही है। एनएचएआई ने स्पष्ट किया है कि राष्ट्रीय राजमार्ग (भूमि एवं यातायात) नियंत्रण अधिनियम 2002 के तहत यदि कोई व्यक्ति बिना अनुमति के अतिक्रमण करता है, तो उसके विरुद्ध आर्थिक दंड के साथ आपराधिक प्रकरण भी दर्ज किया जा सकता है। मनीष मीणा ने अपने पत्र में बताया कि एनएचएआई ने अपने स्तर पर अतिक्रमण हटाने के प्रयास किए हैं, लेकिन स्थानीय सहयोग के अभाव में अवैध निर्माणों को हटाना संभव नहीं हो पा रहा है। उन्होंने जिला प्रशासन से अनुरोध किया है कि एसडीएम, तहसीलदार और पुलिस विभाग संयुक्त रूप से कार्रवाई करें, ताकि अतिक्रमण हटाने के दौरान कानून-व्यवस्था बनी रहे। इस संबंध में, अपर कलेक्टर (एडीएम) ने सभी संबंधित उपखंड अधिकारियों (एसडीएम) और पुलिस अधिकारियों को पत्र भेजकर इस कार्य में सक्रिय सहयोग देने के निर्देश दिए हैं। एनएचएआई को उम्मीद है कि प्रशासन के समन्वय से न केवल अतिक्रमण हटाए जाएंगे, बल्कि राजमार्गों पर सुगम और सुरक्षित यातायात भी सुनिश्चित किया जा सकेगा।


