भारत में केवल उज्जैन में ही हनुमान अष्टमी का पर्व मनाया जाता है। इस दिन विशेष पूजन-अनुष्ठान के साथ ही भंडारे आयोजित होते हैं। मान्यता है कि भगवान राम जी का राज्याभिषेक हो रहा था उस समय भगवान हनुमान को सभी पवित्र नदियों का जल लाने को कहा था। उस दौरान श्री महाकालेश्वर मंदिर परिसर स्थित कोटि तीर्थ कुंड पर भगवान हनुमान स्वयं आए थे। हनुमान जी ने कुंड से भी जल लिया था। भगवान राम के राज्याभिषेक के लिए जल लेने आए थे श्री महाकालेश्वर मंदिर परिसर स्थित श्री बाल विजय मस्त हनुमान मंदिर के पुजारी सुलभ शांतु गुरु ने बताया कि हनुमान जी का बड़ा जुड़ाव उज्जैन से रहा है। अनेक मान्यताएं हैं। उनमें प्रमाणिक मान्यता यह है कि जब भगवान राम का राज्याभिषेक हो रहा था। हनुमान जी को सभी तीर्थों से जल लाने के लिए कहा गया था। इसीलिए हनुमान जी तीर्थ जल लेने के लिए उज्जैन भी आए थे। श्री महाकालेश्वर मंदिर परिसर में स्थित कोटि तीर्थ कुंड से जल भरने का प्रयास किया तो कहा जाता है कि घड़ा भरने के बाद उठा नहीं, तब उन्होंने अनेक तीर्थों का जल जो लेकर आए थे वो जल यहां पर समर्पित किया और फिर जल को भरा तो वो जल राज्याभिषेक के लिए लेकर गए थे। इसीलिए इस कुंड का नाम कोटि तीर्थ कुंड पड़ा। महाकालेश्वर मंदिर परिसर अति प्राचीन बाल रूप में बाल हनुमान विराजित हैं। उनको हनुमान जी के स्वरूप में ही हम देखते हैं। उनकी सेवा होती है। पूजा होती है। हनुमान अष्टमी पर एक बड़ा पर्व महाकालेश्वर प्रांगण में मनाया जाता है। श्री गैबी हनुमान मंदिर में लगेगा भक्तों का तांता श्री गैबी हनुमान मंदिर के पुजारी गोवर्धन महाराज ने बताया मंदिर में इस दिन महाप्रसादी का आयोजन रहेगा। भगवान को प्रिय गुड़ का चुरमा का भोग लगाया जाएगा। हवन पूजन के बाद महाआरती रात्रि 10: 30 बजे होगी। भगवान का पूजन-अभिषेक कर भव्य श्रृंगार किया जाएगा। मंदिर में आने वाले भक्तों को प्रसादी का वितरण होगा।


