कांग्रेस विधायक फूल सिंह बरैया अपने एक विवादित बयान को लेकर फिर सुर्खियों में हैं। विधायक बरैया ने कहा था कि दलित और पिछड़ी जातियों की महिलाओं के साथ बलात्कार ‘पुण्य कमाने’ के लिए किया जाता है। उज्जैन में इस बयान को महिलाओं के सम्मान पर सीधा हमला मानते हुए विभिन्न संगठनों और राजनीतिक दलों ने कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। यह पहली बार नहीं है जब फूल सिंह बरैया के बयान विवादों का कारण बने हों। इससे पहले, वीरांगना रानी लक्ष्मीबाई के बलिदान दिवस पर उनके एक पुराने बयान को लेकर भी प्रदेशभर में हंगामा हुआ था। महिलाओं ने फूंका पुतला, नारेबाजी की
उज्जैन के भाजपा कार्यालय ‘लोकशक्ति परिसर’ में शनिवार को महिलाओं ने प्रदर्शन किया गया। नगर निगम सभापति कलावती यादव के नेतृत्व में भाजपा महिला मोर्चा ने कांग्रेस विधायक फूल सिंह बरैया का पुतला चप्पलों से पीटते हुए और नारेबाजी करते हुए दहन किया। इस प्रदर्शन में बड़ी संख्या में भाजपा कार्यकर्ता और महिला मोर्चा की पदाधिकारी उपस्थित थीं। कांग्रेस नेतृत्व पर भी उठाए सवाल
भाजपा नेताओं ने इस मुद्दे पर कांग्रेस नेतृत्व पर भी सवाल उठाए। कलावती यादव ने आरोप लगाया कि विवादित बयान के बावजूद कांग्रेस ने विधायक बरैया के खिलाफ कोई सख्त कार्रवाई नहीं की है। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी का इंदौर कार्यक्रम में शामिल होना यह दर्शाता है कि कांग्रेस पार्टी और उसका शीर्ष नेतृत्व इस बयान पर मौन समर्थन दे रहा है। यादव ने मांग की कि यदि कांग्रेस वास्तव में महिलाओं के सम्मान की पक्षधर है, तो राहुल गांधी, सोनिया गांधी और प्रियंका गांधी को इस बयान पर अपनी स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि चुप्पी को समर्थन माना जाएगा। प्रदर्शन के दौरान भाजपा महिला मोर्चा की प्रमुख पदाधिकारी प्रमिला यादव, प्रियंका सेंगर, हीरामणि कहार, राखी श्रीवास, मंजू कसेरा, दुर्गा शक्ति सिंह चौधरी और दुर्गा बिलोटिया सहित कई सदस्य मौजूद रहीं।


