छतरपुर जिले के नौगांव में विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट उपेंद्र देशवाल ने नाबालिग बालक से दुष्कर्म के मामले में शनिवार को अहम फैसला सुनाया है। कोर्ट ने आरोपी पप्पू उर्फ कमलेश सैनी को पॉक्सो एक्ट के तहत 20 साल की कठोर कैद की सजा सुनाई है। इसके अतिरिक्त, उस पर 15 हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया गया है। न्यायालय ने पीड़ित बालक के भविष्य और उसे हुए मानसिक आघात को देखते हुए डेढ़ लाख रुपए का मुआवजा देने का भी आदेश दिया है। यह राशि पीड़ित को प्रदान की जाएगी। एडवोकेट राहुल रैकवार ने बताया कि यह घटना 27 जनवरी 2023 को नौगांव में हुई थी। पीड़ित बालक सुबह करीब 8:30 बजे दूध बांटकर अपनी साइकिल से घर लौट रहा था। तभी उसके घर से पहले आरोपी पप्पू उर्फ कमलेश सैनी मिला, जिसे पीड़ित पहले से जानता था। जान से मारने की धमकी दी थी
आरोपी ने पीड़ित से कहा कि उसे मोबाइल नंबर लगाना नहीं आता और उसे फोन लगाने के बहाने जंगल में ले गया। वहां आरोपी कमलेश उर्फ पप्पू ने बालक के साथ गलत काम किया। जब पीड़ित चिल्लाया, तो आरोपी ने उसे जान से मारने की धमकी दी। इसी दौरान, पीड़ित का भाई और पास के खेत में काम कर रहा एक व्यक्ति वहां आ गए। उन्हें देखकर आरोपी पप्पू उर्फ कमलेश मौके से भाग गया। पीड़ित ने घर आकर अपने पिता को पूरी घटना बताई। इसके बाद, वह अपने पिता और भाई के साथ नौगांव थाने पहुंचा और रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस ने पीड़ित की रिपोर्ट के आधार पर अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना शुरू की। संपूर्ण विवेचना के बाद मामला न्यायालय में पेश किया गया, जिसके बाद यह फैसला आया है। डीएनए रिपोर्ट में पुष्टि हुई थी
प्रकरण के विचारण के दौरान पीड़ित बालक, उसके भाई एवं पिता द्वारा आरोपी से राजीनामा करने के कारण अभियोजन कहानी का समर्थन नहीं किया। प्रकरण में डीएनए रिपोर्ट सकारात्मक मिली। अभियोजन की ओर से सहायक जिला अभियोजन अधिकारी-विशेष लोक अभियोजक लोकेश कुमार दुबे ने शासन का पक्ष रखते हुए मामले के सभी सबूत कोर्ट में पेश किए और आरोपी को कठोर सजा देने की अपील की।


