उज्जैन जिले में सड़क हादसे के एक घायल को अस्पताल पहुंचाने वाले 3 युवकों को पुलिस ने हत्या के आरोप में गिरफ्तार कर लिया है। इस कार्रवाई से नाराज ग्रामीणों ने शनिवार को एसपी कार्यालय का घेराव कर निष्पक्ष जांच की मांग की है। यह घटना माकड़ौन थाना क्षेत्र के ग्राम गुराड़िया गुर्जर की है। 1 जनवरी की रात संजय पिता शिवलाल सड़क किनारे गंभीर हालत में मिले थे। इसी दौरान, सांवरिया जी के दर्शन कर आर्टिका कार से लौट रहे गांव के माखन सिंह, राजेंद्र सिंह और गोविंद ने संजय को देखा। उन्होंने तुरंत संजय के पिता को सूचित किया और घायल को इलाज के लिए शाजापुर अस्पताल पहुंचाया। तीनों युवकों पर लाठियों से पीटने का आरोप
इलाज के दौरान संजय की मौत हो गई। इसके बाद मृतक के परिजनों ने माकड़ौन थाने में तीनों युवकों पर लाठियों से पीटकर हत्या करने का आरोप लगाते हुए शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने प्राथमिक जांच किए बिना ही हत्या का मामला दर्ज कर तीनों युवकों को जेल भेज दिया। पुलिस की इस कार्रवाई से आक्रोशित दर्जनों ग्रामीण शनिवार को उज्जैन एसपी कार्यालय पहुंचे। उन्होंने एएसपी अभिषेक रंजन को ज्ञापन सौंपकर आरोप लगाया कि तीनों युवकों को साजिश के तहत फंसाया गया है। ग्रामीणों ने बताया कि संजय को अस्पताल पहुंचाने के बाद उसका चचेरा भाई जीवन कथित आरोपी युवकों के घर पहुंचा। वह परिजनों को अस्पताल ले जाने के बहाने उनकी कार ले गया। बाद में वही कार थाने में खड़ी मिली, जिसके आधार पर हत्या का आरोप गढ़ा गया। मनासा निवासी चरण सिंह पंडा ने ज्ञापन सौंपते हुए कहा कि घायल संजय को कई राहगीरों ने देखा था, लेकिन मदद करने वालों को ही जेल भेज दिया गया। उन्होंने सवाल उठाया कि जब प्रशासन सड़क हादसों में घायलों की मदद करने वालों को प्रोत्साहन देने की बात करता है, तो ऐसे मामलों में निर्दोषों को सजा क्यों दी जा रही है।


