भारत सरकार ने प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना 3.0 के तहत देशभर में 25 लाख नए निशुल्क घरेलू एलपीजी गैस कनेक्शन स्वीकृत किए हैं। इस योजना का उद्देश्य गरीब, वंचित और अनुसूचित जनजाति बहुल क्षेत्रों की महिलाओं को स्वच्छ और सुरक्षित रसोई ईंधन उपलब्ध कराना है, जिससे उनके स्वास्थ्य और जीवन स्तर में सुधार हो सके। सीधी में हुआ मीडिया संवाद कार्यक्रम उज्ज्वला योजना 3.0 की जानकारी देने के लिए बुधवार शाम सीधी कलेक्ट्रेट सभागार में मीडिया संवाद कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन, जबलपुर के डीजीएम समीर शुक्ला ने योजना की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय के निर्देश पर जनजाति बहुल जिलों में महिलाओं को योजना के प्रति जागरूक करने के लिए यह पहल की जा रही है। इस अवसर पर इंडियन ऑयल के सेल्स ऑफिसर नवीन बिसेन भी मौजूद रहे। अब तक 10 करोड़ से अधिक कनेक्शन जारी डीजीएम समीर शुक्ला ने बताया कि प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना की शुरुआत मई 2016 में हुई थी। इसका उद्देश्य गरीब परिवारों की महिलाओं को बिना किसी जमा राशि के एलपीजी कनेक्शन देना था। अब तक देशभर में 10 करोड़ 33 लाख से अधिक गैस कनेक्शन जारी किए जा चुके हैं। उज्ज्वला 3.0 में क्या मिलेगा ? उज्ज्वला योजना 3.0 के तहत पात्र महिलाओं को निशुल्क गैस कनेक्शन के साथ एलपीजी सिलेंडर, प्रेशर रेगुलेटर, सुरक्षा होज, उपभोक्ता कार्ड, निःशुल्क गैस चूल्हा और पहला रिफिल भी दिया जाएगा। स्वास्थ्य और सशक्तिकरण की पहल उन्होंने कहा कि यह योजना केवल रसोई गैस तक सीमित नहीं है, बल्कि महिलाओं के सशक्तिकरण और स्वास्थ्य सुरक्षा की मजबूत पहल है। परंपरागत ईंधन के धुएं से मुक्ति मिलने से महिलाओं और बच्चों के स्वास्थ्य में सुधार हुआ है। साथ ही, घरेलू वायु प्रदूषण और वनों की कटाई में भी कमी आई है। ईंधन संग्रह में लगने वाला समय बचने से महिलाएं अब शिक्षा, रोजगार और परिवार की देखभाल पर अधिक ध्यान दे पा रही हैं। कौन कर सकता है आवेदन ? योजना के तहत वे महिलाएं पात्र होंगी, जिनके घर में पहले से कोई एलपीजी कनेक्शन नहीं है। आवेदन के लिए आधार कार्ड, राशन कार्ड या परिवार संरचना प्रमाण पत्र, बैंक खाता विवरण और स्व-घोषणा पत्र आवश्यक हैं। इच्छुक महिलाएं नजदीकी एलपीजी डिस्ट्रीब्यूटर, पीएमयूवाय की आधिकारिक वेबसाइट या कॉमन सर्विस सेंटर के माध्यम से आवेदन कर सकती हैं।


