जमशेदपुर में मंगलवार को उत्तरायण पर्व की धूम देखने को मिली। यहां गुजराती समुदाय ने इस पारंपरिक त्योहार को पूरे उत्साह के साथ मनाया। 14 जनवरी को मनाए जाने वाले इस पर्व पर सुबह से ही लोग अपने परिवार के साथ छतों पर पहुंचे और रंग-बिरंगी पतंगों की उड़ान का आनंद लिया। उत्तरायण का त्योहार भारत के विभिन्न हिस्सों में अलग-अलग नामों से मनाया जाता है। गुजरात में जहां इसे उत्तरायण के नाम से जाना जाता है, वहीं बिहार और उत्तर भारत के अन्य राज्यों में यह मकर संक्रांति के रूप में मनाया जाता है। झारखंड में इसे टुसू पर्व कहा जाता है। यह त्योहार नई शुरुआत का प्रतीक माना जाता है, जहां लोग पुराने कष्टों को भुलाकर नए संकल्प लेते हैं। जमशेदपुर में रह रहे गुजराती समुदाय के लिए यह त्योहार विशेष महत्व रखता है। वे इस दिन को अपनी सांस्कृतिक विरासत से जुड़ने का अवसर मानते हैं और पूरी श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाते हैं। पतंगबाजी के इस उत्सव ने शहर के आसमान को रंग-बिरंगी पतंगों से सजा दिया, जो सामुदायिक एकता और खुशी का प्रतीक बन गया।


