सरगुजा संभाग में शीतलहरों के बावजूद बादलों की आवाजाही के कारण कड़ाके की ठंड पर ब्रेक लग गया है। पिछले तीन दिनों से न्यूनतम तापमान करीब 10 डिग्री के आसपास बना हुआ है। इस साल नवंबर माह में सरगुजा में ठंड ने सभी रिकार्ड तोड़ दिए थे। मौसम विभाग के अनुसार मौसम साफ होते ही फिर से ठंड बढ़ सकती है। सरगुजा संभाग में शीतलहर के कारण कड़ाके की ठंड पड़ रही थी। पिछले चार दिनों से बादलों की आवाजाही के कारण कड़ाके की ठंड से राहत मिली है। अंबिकापुर में पिछले 24 घंटों में न्यूनतम तापमान 10.2 डिग्री दर्ज किया गया है। 16 नवंबर को न्यूनतम तापमान गिरकर 6.2 डिग्री तक पहुंच गया था। मैनपाट में भी नवंबर के पहले पखवाड़े में ही पाले पड़े थे। बादल छंटते से ठंड की होगी वापसी सरगुजा संभाग में नवंबर माह में 57 सालों में सर्वाधिक ठंड रिकार्ड किया गया है। उत्तर छत्तीसगढ़ में अब भी शीतलहरें प्रवेश कर रही हैं, लेकिन बादलों ने कड़ाके की ठंड पर ब्रेक लगा दिया है। मौसम विभाग के अनुसार आगामी दो दिनों में बादल छंटते हुए नजर आएंगे एवं फिर से कड़ाके की ठंड की वापसी संभावित है। फिलहाल, पाट क्षेत्रों में भी कड़ाके की ठंड पर ब्रेक लगा है। मैनपाट में भी न्यूनतम तापमान 8 डिग्री के आसपास बना हुआ है। नए चक्रवाती तूफान से बदलेगा तापमान मौसम विभाग के अनुसार बंगाल की खाड़ी में बन रहे नए चक्रवाती तूफान का असर आगामी दिनों में उत्तर छत्तीसगढ़ में भी पड़ेगा। इसके कारण बादल छाए रह सकते हैं और कुछ स्थानों पर छिटपुट बारिश भी संभावित है। मौसम में यह बदलाव इस सप्ताह के आखिरी दिनों में दिख सकता है। नए चक्रवाती सिस्टम के कारण कुछ दिनों तक कड़ाके की ठंड पर ब्रेक लग सकता है। इसके बाद फिर से सरगुजा में कड़ाके की ठंड की वापसी होगी। सरगुजा संभाग के ज्यादातर जिलों में कड़ाके की ठंड के कारण स्कूलों के संचालन का समय बदल दिया गया है। सुबह के पाली की कक्षाएं 8.30 बजे से लग रही हैं। इससे बच्चों को भी राहत मिली है।


