नए साल के पहले पर्व मकर संक्रांति को लोग बड़े ही श्रद्धा और उल्लास के साथ मना रहे है। उदयपुर के मंदिरों में सुबह से ही भगवान के दर्शन को भक्तों की भारी भीड़ लगी हुई है। भगवान को श्रद्धालु तिल्ली से बने हुए पकवानों का भोग लगा रहे हैं। लोग गरीब और असहाय लोगों को पैसा, अनाज और कपड़े आदि दान कर रहे हैं। वहीं, गायों को हरा चारा, पक्षियों को दाना और मछलियों को आटा डालकर भी पुण्य कर रहे हैं। शहर के ऐतिहासिक जगदीश मंदिर, महाकालेश्वर मंदिर, बोहरा गणेशजी, अंबामाता, करणी माता और नीमज माता आदि मंदिरों में भक्त बड़ी संख्या में दर्शन को पहुंच रहे हैं। मंदिरों में भजन गीत और प्रसादी का भी आनंद उठा रहे हैं। भगवान जगदीश को धारण कराई केसरिया पोशाक
ऐतिहासिक जगदीश मंदिर के पुजारी राम गोपाल ने बताया कि मकर संक्रांति उपलक्ष्य में भगवान जगदीश का सुबह पंचामृत स्नान किया गया। फिर केसरिया पोशाक धारण कराई गई। मुकुट सहित आभूषणों से शृंगार किया गया है। इस अवसर पर भगवान को तिल से बने व्यंजनों का भोग लगाया गया। तिल और गेहूं का दान भी किया जाता है। दोपहर 12:30 बजे भगवान की आरती के बाद भोग लगाया गया। जिसके बाद महाप्रसादी का प्रोग्राम शुरू हुआ। यहां दर्शन को आने वाले भक्त प्रसाद पा रहे हैं। पतंगबाजी का भी उठा रहे आनंद
जयपुर सहित अन्य जगहों की तुलना उदयपुर में हालांकि पतंगबाजी का इतना क्रेज नहीं है लेकिन फतहसागर सहित कुछ जगहों पर लोग पतंग उड़ाने का लुत्फ उठा रहे हैं।


