सलूंबर का एक गांव पुनावली फला तक जाने के लिए आज भी सड़क नहीं है। यहां एक मरीज की हालत खराब हो गई तो उसे करीब तीन किलोमीटर दूर खाट पर पैदल लेकर आया गया। ग्रामीण प्रभुलाल मीणा ने बताया- गांव में लक्ष्मणलाल पुत्र हीरालाल का उदयपुर में ऑपरेशन हुआ था। घर लौटने के बाद अचानक उनकी तबीयत बिगड़ गई। रातभर जैसे-तैसे निकाली और सुबह परिजनों ने मजबूरी में उन्हें खाट में डालकर कच्ची पगडंडी से तीन किलोमीटर पैदल चलकर बामनिया रोड तक पहुंचाया। इसके बाद एंबुलेंस बुलाकर उदयपुर अस्पताल ले गए। वहां उनका उपचार जारी है। दरअसल, सराड़ा पंचायत समिति की कलात पंचायत का पुनावली फला आज भी मूलभूत सुविधाओं से वंचित है। करीब 30 से 35 घरों की इस बस्ती में 250 से अधिक ग्रामीण निवास करते हैं। लेकिन अब तक यहां तक पहुंचने के लिए पक्की सड़क तक नहीं बनी है। गर्भवती महिलाओं को भी खाट पर ले जाना पड़ता है ग्रामीणों का कहना है कि यह कोई नई स्थिति नहीं है। कई बार गर्भवती महिलाओं को भी झोली या खाट में डालकर तीन किलोमीटर पैदल रास्ता तय कर अस्पताल पहुंचाना पड़ता है। प्रभूलाल ने बताया कि ऐसी घटनाएं ग्रामीणों की पीड़ा को और बढ़ाती हैं। ग्रामीणों ने कई बार जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों को सड़क निर्माण व अन्य सुविधाओं के लिए ज्ञापन सौंपे, लेकिन हर बार सिर्फ आश्वासन ही मिला। वन विभाग की जमीन से सड़क निकलनी है, जिसके बदले में पंचायत पहले ही विभाग को जमीन उपलब्ध करा चुकी है, बावजूद इसके अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। इनपुट : ललित पटेल, सराड़ा


