उदयपुर के गांधी ग्राउंड में शनिवार की रात को उदयपुर वर्ल्ड म्यूजिक फेस्टिवल के दूसरे दिन भारत और दुनिया भर की विविध संगीत परंपराएं एक साथ देखने को मिलीं। कैमरून की वैलेरी एकोउमे ने अफ्रो-पॉप और अफ्रो-रॉक की धुनों के साथ शाम की शुरुआत की, जिसने मंच पर जबरदस्त ऊर्जा और जोश भर दिया। संगीत की यह ऊर्जा आगे OAFF की प्रस्तुति के साथ जारी रही, जिनके आधुनिक इलेक्ट्रॉनिक साउंडस्केप्स ने कार्यक्रम में समकालीन रंग जोड़ा। हिंदुस्तान जिंक के सहयोग से और सहर द्वारा परिकल्पित, राजस्थान सरकार तथा पर्यटन विभाग के सहयोग से आयोजित फेस्टिवल में जैसे ही मंच पर प्लेबैक सिंगर जोनिता गांधी की एंट्री हुई तो संगीतप्रेमियों और युवाओं ने स्वागत किया और उनके एक से बढ़कर गानों ने धूम मचाया। जोनिता ने जोर से नाची आज कि घुंघरू टूट गए…, मुकाबला-मुकाबला…,अगर तुम साथ हो…, पंजाबी गीत अखियां ले जाए…, दिल पे पत्थर रख के.. मेरे सैयां जी से आज मैंने ब्रेकअप कर लिया और जुमका गिरा रे बरेली के बाजार में… गीत सुनाए। इससे पहले दिन की शुरुआत पिछोला झील किनारे मांझी घाट (अमराई घाट) पर आयोजित एक शांत सुबह के सत्र से हुई, जहं पिछोला झील के शांत जल के बीच दर्शकों को एक आत्मीय और विचारशील संगीत अनुभव से रूबरू कराया गया। फतह सागर पाल पर आयोजित दोपहर के सत्रों ने झील के किनारे एक शांत और मनभावन माहौल रचा। हिंदुस्तान जिंक के सीईओ अरुण मिश्रा ने कहा कि ऐसे मंच उदयपुर की सांस्कृतिक पहचान को सशक्त बनाने और इसे वैश्विक संगीत व सांस्कृतिक आदान-प्रदान के एक महत्वपूर्ण केंद्र के रूप में स्थापित करने में अहम भूमिका निभाते हैं। सहर के फ़ाउंडर संजीव भार्गव ने स्वागत किया। आज ये कार्यक्रम होंगे तीसरे दिन की शुरुआत रविवार को मांझी घाट पर सुबह 9 बजे से भावपूर्ण सुबह की प्रस्तुतियों के साथ होगी। इसके बाद दोपहर 3 बजे से फ़तह सागर पाल पर संगीत सत्र आयोजित किए जाएंगे, जबकि शाम 6 बजे से गांधी ग्राउंड पर प्रस्तुतियां होंगी। तस्वीरों में देखें शनिवार की शाम… ये खबर भी पढ़ें… उदयपुर में तुर्किये सिंगर का शो 30 मिनट पहले रद्द:NSUI कार्यकर्ताओं ने किया प्रदर्शन, बोले-ऑपरेशन सिंदूर में तुर्किये ने पाकिस्तान का साथ दिया था उदयपुर वर्ल्ड म्यूजिक फेस्टिवल में तुर्किये सिंगर सेलीन सुम्बुलटेपे के कार्यक्रम का NSUI ने विरोध किया। इस पर आयोजकों ने शो शुरू होने से 30 मिनट पहले रद्द कर दिया गया। NSUI कार्यकर्ताओं ने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान तुर्किये ने पाकिस्तान का साथ दिया था। तुर्किये के कलाकारों को मंच देना गलत है। (पूरी खबर पढ़े…)


