उदयपुर में विश्व वास्तुकला दिवस पर सौगात:सड़कों पर सोमवार से बिखरेगी कला की रंगत, 10 दिनों तक उत्सव में आरटीओ अंडरपास बनेगा ओपन-एयर आर्ट गैलरी

विश्व वास्तुकला दिवस के मौके पर झीलों की नगरी उदयपुर अब कला और संस्कृति के रंगों से सजेगी। उदयपुर विकास प्राधिकरण (यूडीए) के तत्वावधान में अर्बन स्केचर्स उदयपुर, क्रिएटिव सर्किल और ऐसा फॉर यू की संयुक्त पहल पर एक अनूठा कला एवं संस्कृति उत्सव ‘रंगत – रास्ता री…’ का आयोजन 6 से 16 अक्टूबर तक किया जा रहा है। यह आयोजन विश्व वास्तुकला दिवस के अवसर पर सोमवार से शुरू होगा। शहर के सार्वजनिक स्थलों को कला का मंच बनाया जाएगा। उत्सव का सोमवार सुबह 9:30 बजे आरटीओ अंडरपास से होगा, जहाँ कलाकार और नागरिक प्रतिदिन शहर की सौंदर्य अभिव्यक्ति में भाग लेंगे। कला, संस्कृति और वास्तुकला का संगम यूडीए आयुक्त राहुल जैन ने बताया कि यह उत्सव शहर की सांस्कृतिक आत्मा को सार्वजनिक स्थानों पर जीवंत करने का प्रयास है। नागरिक, कलाकार, विद्यार्थी, आर्किटेक्ट और डिजाइनर मिलकर सड़कों, दीवारों और संरचनाओं को अपनी सृजनशीलता से सजाएँगे। उन्होंने कहा कि हम चाहते हैं कि उदयपुर की पहचान केवल उसकी झीलों से नहीं, बल्कि उसकी रचनात्मक आत्मा से भी हो। ‘नागरिकों के लिए, नागरिकों द्वारा’ आयोजन संयोजक और प्रसिद्ध आर्किटेक्ट सुनील एस. लड्ढा ने बताया कि प्रथम चरण में अंडरपास के करीब 5 हजार वर्गमीटर क्षेत्र को सजाने के कार्य में 50 से अधिक आर्टिस्ट के साथ कलाप्रेमी शहरवासी व कला विद्यार्थियों द्वारा भी सहयोग किया जाएगा। उन्होंने बताया कि ‘रंगत – रास्ता री…’ केवल एक प्रदर्शनी नहीं, बल्कि नागरिक सहभागिता का उत्सव है। इसका उद्देश्य है कि हर नागरिक अपने शहर के सौंदर्यीकरण में योगदान दे – ताकि सड़कें सिर्फ रास्ते नहीं, बल्कि संवाद और अभिव्यक्ति के मंच बनें। उन्होंने कहा “हर रंग एक कहानी कहेगा, और हर स्ट्रोक शहर की पहचान बनेगा।” सहयोगी संस्थाओं की सहभागिता इस रचनात्मक पहल को सफल बनाने में अनेक संस्थाएँ सहयोग कर रही हैं। इसमें यूडीए, अर्बन स्केचर्स उदयपुर, क्रिएटिव सर्किल, ऐसा फॉर यू, वंडर सीमेंट, बिरला ओपस पेंट्स, बीएनआई उदयपुर, आईआईए, आईआईआईडी और यूसीसीआई जैसी कई संस्थाएं शामिल है, जो शहर की कला, संस्कृति और विकास के बीच सेतु का कार्य कर रहे हैं। वास्तुकला दिवस पर मिलेगी नई सौगात विश्व वास्तुकला दिवस के अवसर पर शहर के आर्किटेक्ट्स प्रतिभागी कलाकारों और विद्यार्थियों को वास्तुकला की बारीकियों से अवगत कराएँगे। इस दौरान गवरी, गणगौर, मेवाड़ी परंपरा जैसी थीम पर आधारित पेंटिंग्स से अंडरपास सुसज्जित होगा, जिससे उदयपुर का शहरी परिदृश्य नई पहचान पाएगा। यूडीए के निदेशक (अभियांत्रिकी) संजीव शर्मा ने कहा कि यह आयोजन नागरिकों के लिए, नागरिकों द्वारा और नागरिकों का है। इच्छुक प्रतिभागी आयोजन से जुड़ने के लिए QR कोड स्कैन कर या आयोजक संस्थाओं से संपर्क कर सकते हैं।

FacebookMastodonEmail

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *