उद्योगपति बोले- मौजूदा हालातों के मद्देनजर टैरिफ बढ़ाने की बजाय कम हो

भास्कर न्यूज | अमृतसर वेरका रेस्ट हाउस में पंजाब स्टेट इलेक्ट्रिसिटी रेगुलेटरी कमीशन की बैठक में अमृतसर, तरनतारन और बटाला के इंडस्ट्रियलिस्ट पहुंचे। पावरकॉम द्वारा बिजली टैरिफ में बढ़ौतरी की आशंका के मद्देनजर इलेक्ट्रिसिटी रेगुलेटरी कमीशन ने वृद्धि की सिफारिश से पहले उद्योगपतियों की नब्ज टटोली। फोकल प्वाइंट इंडस्ट्रियल वेलफेयर एसो. के मुख्य पेटर्न कमल डालमिया की अगुवाई में उद्योगपतियों ने मौजूदा हालातों के मद्देनजर टैरिफ बढ़ाने की बजाय कम करने की सलाह कमीशन के चेयरमैन विशालजीत खन्ना को दी। उद्योगपति डालमिया ने कहा कि जम्मू-कश्मीर, हिमाचल में मात्र 4 रुपए प्रति यूनिट घरेलू और 5 रुपए प्रति यूनिट कॉर्मिशयल टैरिफ है, जबकि पंजाब में कॉर्मिशयल बिजली 10-11 रुपए प्रति यूनिट व्यापारियों को मिल रही है। यही नहीं, पावरकॉम ने व्यापारियों पर पीक आवर के तहत 16 जून से 15 अक्टूबर तक 4 महीने के तौर पर शाम 6 से रात 10 बजे तक 2 रुपए प्रति यूनिट एवं 20 प्रतिशत टैक्स लोड चार्जेस के हिसाब से वसूले जा रहे हैं। यहां तक कि पंजाब सरकार की ओर से पर्यटन हब के तौर पर जानी जाती गुरुनगरी के होटल, रेस्टोरेंट व गेस्ट हाऊस इंडस्ट्री को भी बिजली महंगी देते हुए इंडस्ट्रियल चार्जेस वसूले जा रहे हैं। पावरकॉम में स्टाफ की कमी का खमिजाया फोकल प्वाइंट के उद्योगपतियों को भुगतना पड़ रहा है। बरसों से पावरकॉम में जेई, एसडीओ की भर्ती न होने से फोकल प्वाइंट में बिजली फाल्ट पड़ने पर घंटों कर्मचारी ठीक करने नहीं पहुंचते जिससे काम रूक जाता है। पंजाब स्टेट इलेक्ट्रिसिटी रेगुलेटरी कमीशन के चेयरमैन विश्वजीत खन्ना ने कहा कि कमीशन पर सरकार द्वारा टैरिफ में बढ़ौतरी करने का कोई दबाव नहीं है और न तो बढ़ौतरी की सिफारिश की जा रही है। न ही फिलहाल गर्मी के सीजन से पहले कोई वृद्धि किए जाने की संभावना है। इस पर विचार नहीं किया जा रहा है। डालमिया ने कहा कि पावरकॉम की डिस्प्यूट सेटलमेंट कमेटी को विवादास्पद केसों का निपटारा 45 दिन में करना होता है, लेकिन कई व्यापारियों के केस 3-3 साल से पेंडिंग हैं। पीएसपीसीएल द्वारा नए यूनिट्स को इलेक्ट्रि​िसटी ड्यूटी एग्जमशन नहीं की जा रही है जबकि न्यू यूनिट्स के पास इस संबंधी सर्टिफिकेट भी होता है, स​र्टिफिकेट होने के बावजूद पंजाब इंडस्ट्रियल पॉलिसी 2022 के तहत ड्यूटी व्यापारियों को रिम्बर्समेंट नहीं की जा रही है।

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