उधोग नगर थाना क्षेत्र में दर्ज एक मारपीट, धमकी और लूट का मामला क्षेत्राधिकार को लेकर विवाद के चलते करीब दो साल तक उलझा रहा। अब न्यायालय के आदेश के बाद मामला थाना सदर, अलवर में पुनः दर्ज कर अग्रिम अनुसंधान शुरू कर दिया गया है। मामले में परिवादी राहुल शर्मा पुत्र महेशचंद शर्मा निवासी अम्बेडकर नगर, अलवर ने 18 जुलाई 2023 को शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में बताया गया कि उसकी कपड़ों की दुकान मदनपुरी क्षेत्र में है। दोपहर करीब 3 बजे शारूप खान निवासी झोपड़ी, अलवर दुकान पर आया। जब उससे उधार के 900 रुपये मांगे गए तो उसने गुस्से में आकर गाली-गलौच की, कॉलर पकड़कर जान से मारने की धमकी दी और अपने साथियों को बुलाकर लाठी-डंडों से मारपीट की। बीच-बचाव करने पहुंचे परिवादी के बड़े भाई कमल के साथ भी मारपीट की गई, जिससे उसके हाथ में गंभीर चोट आई। आरोप है कि आरोपी और उसके साथियों ने दुकान के गल्ले में रखे करीब 11 हजार 500 रुपये भी निकाल लिए और दुकान खोलने पर जान से मारने की धमकी दी। इस संबंध में उधोग नगर थाने में मुकदमा संख्या 382/2023 धारा 323, 341, 379 व 506 आईपीसी में दर्ज किया गया था। बाद में पुलिस द्वारा यह कहते हुए नकारात्मक अंतिम रिपोर्ट पेश की गई कि घटना थाना सदर क्षेत्र की है, इसलिए मामला इलाका गैर का है। मामला न्यायालय पहुंचा, जहां माननीय सिविल न्यायाधीश एवं न्यायिक मजिस्ट्रेट संख्या-2, अलवर ने 29 जुलाई 2025 को अपने आदेश में स्पष्ट किया कि केवल इलाका गैर होने के आधार पर अंतिम रिपोर्ट पेश नहीं की जा सकती। सुप्रीम कोर्ट और राजस्थान हाईकोर्ट के पूर्व निर्णयों का हवाला देते हुए न्यायालय ने आदेश दिया कि एफआईआर को संबंधित क्षेत्राधिकार वाले थाने में भेजकर अनुसंधान पूरा कराया जाए। न्यायालय के आदेश की पालना में पुलिस अधीक्षक अलवर ने 30 जनवरी 2026 को मुकदमे की मूल एफआईआर पत्रावली थाना सदर, अलवर को अग्रिम कार्यवाही हेतु भेजी। इसके बाद मंगलवार को थाना सदर में एफआईआर पुनः दर्ज की गई है।


