उन्नाव में भीषण ठंड और कोहरे का प्रकोप लगातार बढ़ता जा रहा है। सर्दी का असर इतना गंभीर है कि आम जनजीवन के साथ-साथ पशु-पक्षी भी बेहाल हो गए हैं। न्यूनतम तापमान गिरकर 9℃ तक पहुंचने से लोगों की दिनचर्या पूरी तरह से प्रभावित हो रही है। ठंड और कोहरे के चलते न केवल सड़क यातायात बाधित हुआ है, बल्कि रेल सेवाओं पर भी इसका असर साफ दिखाई दे रहा है। कड़ाके की ठंड और कोहरे के चलते लोग बेहद जरूरी कामों के लिए ही घरों से बाहर निकल रहे हैं। सार्वजनिक स्थानों और बाजारों में सन्नाटा पसरा हुआ है। ठंड की वजह से स्कूलों में छात्रों की उपस्थिति कम हो गई है, और प्रशासन ने कुछ स्कूलों को बंद रखने के निर्देश भी जारी किए हैं। अलाव जलाने की व्यवस्था की गई है, लेकिन यह पूरी तरह से ठंड से राहत देने में सक्षम नहीं हो रही है। पशु-पक्षियों पर भी ठंड का असर
ठंड का असर न केवल इंसानों पर बल्कि पशु-पक्षियों पर भी पड़ रहा है। खुले में रहने वाले आवारा पशु और पक्षी ठंड से ठिठुरते नजर आ रहे हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में लोग अपने पालतू जानवरों को बचाने के लिए विशेष इंतजाम कर रहे हैं, लेकिन स्थिति गंभीर बनी हुई है। रेल सेवाएं प्रभावित
घने कोहरे और ठंड के कारण रेल यातायात पर भी भारी असर पड़ा है। लखनऊ-कानपुर रेल रूट पर ट्रेनें 4 से 6 घंटे की देरी से चल रही हैं। यात्रियों को प्लेटफॉर्म पर ठंड में घंटों इंतजार करना पड़ रहा है। कई ट्रेनों के समय में बदलाव किया गया है, जिससे यात्री असमंजस की स्थिति में हैं। गर्म कपड़ों की बढ़ी मांग
ठंड बढ़ने के साथ ही बाजारों में गर्म कपड़ों की मांग तेजी से बढ़ गई है। लोग ऊनी कपड़े, कंबल और रजाइयों की खरीदारी करते नजर आ रहे हैं। दुकानदारों का कहना है कि सर्दी के इस बढ़ते प्रकोप ने उनके कारोबार को रफ्तार दी है। वहीं, फुटपाथों और खुले बाजारों में भी गर्म कपड़ों की दुकानें सज गई हैं। स्वास्थ्य पर बुरा असर
भीषण ठंड का स्वास्थ्य पर भी बुरा असर पड़ा है। अस्पतालों में सर्दी, जुकाम और बुखार के मरीजों की संख्या में तेजी से इजाफा हुआ है। डॉक्टरों ने लोगों को सलाह दी है कि वे गर्म कपड़े पहनें, घरों से बाहर कम निकलें और गर्म पेय पदार्थों का सेवन करें। खासकर बच्चों और बुजुर्गों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। प्रशासन की अपील और इंतजाम
ठंड को देखते हुए प्रशासन ने नागरिकों से सतर्क रहने और जरूरतमंदों की मदद करने की अपील की है। जगह-जगह अलाव जलाने की व्यवस्था की गई है और रैन बसेरों में कंबल बांटे जा रहे हैं। साथ ही, प्रशासन ने ट्रैफिक पुलिस को कोहरे के कारण सड़क दुर्घटनाओं को रोकने के लिए सतर्क रहने का निर्देश दिया है।


