गर्मी शुरू होते ही बिजली लोड बढ़ने के साथ लोगों पर बिजली बिलों का भार भी बढ़ गया है। इस बीच बिजली कंपनी के अफसर लोगों को राज्य शासन से मिलने वाली सब्सिडी से वंचित कर रहे हैं। इसमें लोगों के घर में बिजली का लोड बढ़ाया जा रहा है। जिनके यहां स्मार्ट मीटर लगे हैं, उनके यहां ऑटोमेटिक एक किलो वाट को दो किलो तो दो किलो वाट को तीन किलो तक किया जा रहा है, जिससे बिल की ज्यादा राशि चुकाना पड़ रही है। मीटर रीडिंग समय पर नहीं की जा रही है तथा लोगों को एवरेज बिलिंग यानी आंकलित खपत के बिल जारी किए जा रहे हैं, जिससे भी लोग योजना से वंचित हो रहे हैं।
पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण केंद्र की गृह ज्योति योजना के तहत 100 यूनिट तक बिजली की खपत यानी घर में उपयोग होने पर उपभोक्ता को केवल बिजली का फ्लैट बिल 100 रुपए का देना है और 150 यूनिट तक की खपत होने पर करीब 500 की सब्सिडी मिलती है, जिसमें 950 रुपए तक का बिल होने पर सब्सिडी करीब 500 रुपए मिलने से बिल की राशि घटकर 450 रुपए हो जाती है। एक ही परिसर में दूसरा बिजली कनेक्शन देने में बिजली अफसर तथा जोन के प्रभारी आनाकानी कर रहे है। 4 गलतियों से लोग परेशान 1. एक परिसर में दो बिजली के कनेक्शन देने में आनाकानी।
2. उपभोक्ताओं के घरों में बिजली का लोड बढ़ा रहे।
3. शहर में मीटर रीडिंग समय पर नहीं की जा रही
4. लोगों के यहां आंकलित खपत के बिल जारी कर रहे ये मामले- कहीं नियम से रीडिंग नहीं तो कहीं एवरेज बिलिंग
आशीष बैरागी निवासी आदिनाथ रेसिडेंसी को भी बिजली कंपनी की ओर से सब्सिडी से वंचित कर दिया गया। हर दिन 5 यूनिट की बजाय 5.33 प्रति यूनिट के हिसाब से बिलिंग होने से उनके यहां पर 1089 रुपए का बिल जारी कर दिया गया। इनके यहां 33 दिन में रीडिंग ली, जबकि नियम 30 दिन का है। अथर्व इन्क्लेव में रहने वाले उपभोक्ता सर्विस नंबर एन3974031322 के यहां पर मीटर रीडिंग 116 दर्ज की गई लेकिन एवरेज यूनिट पर दिन 5.04 के हिसाब से गणना की गई। इससे इनका बिल 722 रुपए का आया और सब्सिडी 0 हो गई। यानी उन्हें सब्सिडी का लाभ नहीं मिल पाया। बिजली का उपयोग कम करने के उद्देश्य से भटकी अटल गृह ज्योति योजना
अटल गृह ज्योति योजना वर्ष-2022 में लागू की गई थी, जिसका उद्देश्य बिजली की बचत व खपत कम करना और लोगों को सस्ते दामों पर बिजली उपलब्ध करवाना है। इससे बढ़ती महंगाई के बीच में लोगों पर बिजली बिलों का भार नहीं आए। इसके अंतर्गत लोग बिल कम करने के लिए बिजली का कम उपयोग करेंगे, जिसमें उन्हें बिजली सब्सिडी दर पर दी जाती है। योजना के तहत 100 यूनिट तक बिजली की खपत करने पर 100 रुपए का ही बिल आता है। सब्सिडी से वंचित करने के लिए बिजली कंपनी ने नया फार्मूला बना लिया है। इसके अंतर्गत एक ही घर में दो परिवार निवास करते हैं तो बिजली कंपनी की ओर से दूसरा कनेक्शन नहीं दिया जा रहा है। बिजली कंपनी के अधिकारी उच्च स्तर के आदेश का हवाला देते हुए लोगों को एक ही मकान में दो बिजली कनेक्शन देने से इनकार कर रहे है। शिकायत मिलने पर जांच करवा रहे
बिजली उपभोक्ताओं को राज्य शासन से मिलने वाली सब्सिडी का लाभ दिया जा रहा है। एवरेज बिलिंग या समय पर मीटर रीडिंग नहीं लिए जाने की शिकायत सामने आने पर जांच करवाई जाती है ताकि लोग सब्सिडी से वंचित नहीं हो। –सतीश कुमरावत, ईई, बिजली कंपनी


