ब्यावर पुलिस ने उमंग-VI अभियान के तहत एक महत्वपूर्ण सफलता हासिल की है। शुक्रवार शाम गश्त के दौरान नगर परिषद चौपाटी के पास एक 4 वर्षीय बालक रोता हुआ मिला, जिसे पुलिस ने सुरक्षित रूप से उसके परिजनों को सौंप दिया। यह अभियान नाबालिग बच्चों द्वारा की जा रही भिक्षावृत्ति के उन्मूलन और उनके पुनर्वास हेतु राज्य स्तर पर चलाया जा रहा है। यह कार्रवाई अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस (सिविल राइट्स एवं एएचटी) राजस्थान, जयपुर के निर्देशों और जिला पुलिस अधीक्षक श्री रतन सिंह के मार्गदर्शन में की गई। एएसपी श्री भूपेन्द्र शर्मा और वृताधिकारी श्री राजेश कसाना के सुपरविजन में थानाधिकारी आशुतोष पांडे अपनी टीम के साथ अभियान चला रहे थे। इसी दौरान रात करीब 7.30 बजे चाट-पकौड़ी के ठेलों के पास अल्फाज (4) निवासी ढाई दिन का झोपड़ा, अजमेर रोता हुआ मिला। पुलिस टीम बालक को तसल्ली देकर थाने ले आई। थाने में बाल कल्याण अधिकारी ने बालक से पूछताछ कर उसके परिवार के बारे में जानकारी जुटाई। बालक के गुमशुदा होने की संभावना पर उसका विवरण वात्सल्य पोर्टल पर खोजा गया। इसके अतिरिक्त, बालक के हुलिये और बताए गए पते के आधार पर पुलिस कंट्रोल रूम, अभय कमांड सेंटर अजमेर तथा स्थानीय एवं अजमेर के मीडिया चैनलों पर भी सूचना प्रसारित की गई। प्रचार-प्रसार और लगातार प्रयासों के बाद बच्चे के परिजनों से संपर्क किया गया। परिजन थाना पहुंचने पर बालक को उनके सुपुर्द कर दिया गया।


