उमरिया के शासकीय स्कूल में जल संकट:पढ़ाई पर असर डाल रही पानी की कमी, दो बार ट्यूबवेल खुदवाने की कोशिश असफल

मध्य प्रदेश में सरकार बच्चों की शिक्षा और स्कूलों को सुव्यवस्थित करने के लिए प्रयासरत है लेकिन उमरिया जिले के एक स्कूल की स्थिति दयनीय है, जहां पीने के पानी की व्यवस्था तक नहीं है। पानी की कमी के कारण बच्चों को परेशानी झेलनी पड़ रही है। मूलभूत सुविधाओं की कमी से स्कूल प्रभावित करकेली विकासखंड के नरवार-25 में स्थित शासकीय स्कूल 1998 से संचालन हो रहा है, लेकिन पानी की मूलभूत सुविधा अब तक नहीं दी गई है। बच्चों को प्यास लगने पर स्कूल से सड़क पार कर गांव के मंदिर में लगे हैंडपंप से पानी पीने जाना पड़ता है। इस मामले की जानकारी मिलने पर शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी (पीएचई) विभाग को पत्र लिखकर पानी की व्यवस्था करने की मांग की है। कांग्रेस के जिला अध्यक्ष अजय सिंह ने इसे गंभीर विषय बताया और जिला प्रशासन से तुरंत पानी की सुविधा उपलब्ध कराने की मांग की। 1998 से संचालित स्कूल, लेकिन पानी की समस्या बरकरार शासकीय स्कूल नरवार-25 में दो बार ट्यूबवेल खुदवाए गए, लेकिन पानी नहीं निकला। इसके बावजूद शिक्षा विभाग ने वैकल्पिक समाधान नहीं निकाला। परिणामस्वरूप, बच्चों को आज भी पानी के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है। इनका कहना है सर्व शिक्षा अभियान के जिला समन्वयक संजय सिंह ने बताया कि स्कूल में पानी की समस्या को दूर करने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। ट्यूबवेल खुदवाए गए थे, लेकिन असफल रहे। पीएचई विभाग को नल-जल योजना के माध्यम से पानी की व्यवस्था करने के लिए पत्र लिखा गया है।

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