वर्दी भत्ता में बदलाव किए जाने से कोटवारों में नाराजगी है , आज जिले के कोटवार इकट्ठे होकर कलेक्ट्रेट पहुंचे जहां उन्होंने वर्दी भत्ता में बदलाव का विरोध किया और वर्दी की राशि सीधे खाते में डाले जाने की मांग को लेकर कलेक्टर के नाम ज्ञापन डिप्टी कलेक्टर को सौंपा। ज्ञापन के जरिए उन्होंने बताया कि पिछले सालों की तरह इस बार कोटवारों को वर्दी के लिए राशि नहीं दी जा रही बल्कि रेडिमेड वर्दी दी जा रही है, जो कोटवारों के नाप की नही होगी। उन्होंने कहा कि पिछले साल जिस तरीके से राशि दी जाती थी उसी तरीके से राशि दी जानी चाहिए हम अपने साइज और अपनी पसंद की वर्दी लेंगे। इसके साथ ही जूते टॉर्च के लिए भी सामग्री खरीद कर दी जा रही है। कोटवार हरी सिंह ने बताया कि हमारी वर्दी की समस्या है, हमे रेडिमेड वर्दी दी जा रही है, जबकि पहले वर्दी और सामान की राशि हमे दी जाती थी, जिससे हम नाप की वर्दी और अपनी पसंद का सामान लेते थे। इसी मांग को लेकर आज ज्ञापन सौंपा है। कोटवारों ने बताया कि 2016 से पहले राजस्व विभाग की ओर से कोटवारों को वर्दी और बूट उपलब्ध करवाए जाते थे। उस दौरान घटिया क्वालिटी और अनियमित रूप से सामान मिलता था। काफी विरोध के बाद वर्दी भत्ता में बदलाव हुआ था, वर्दी की राशि मिलने लगी थी। अब फिर दोबारा से वर्दी दी जाने की बात सामने आई है, जिसका हम विरोध कर रहे हैं।


