उमरिया जिले के बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के ताला मुख्यालय में आयोजित सात दिवसीय मिलेट्स फेस्टिवल का मंगलवार रात समापन हो गया। इस फेस्टिवल में लगे 10 स्टालों से कुल 1 लाख 33 हजार रुपए की कमाई हुई। इस आयोजन में स्वसहायता समूह की महिलाओं ने देसी व्यंजन बनाकर पर्यटकों को परोसे। इससे इन समूहों की महिलाओं के लिए इनकम का एक नया साधन भी बना। फेस्टिवल में कुटकी की खीर, समा के चावल, मुनगा पत्ती की भजिया, बरा, गुलाब जामुन रबड़ी और रागी के आटे का चिल्ला जैसे देसी व्यंजन पर्यटकों को खूब पसंद आए। विशेष रूप से रागी का चिल्ला, मुनगा पत्ती की भजिया और कुटकी की खीर पर्यटकों की पहली पसंद बने। उद्देश्य-देसी व्यंजनों की मार्केटिंग को बढ़ावा देना जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी अभय सिंह ने बताया कि इस मेले का मुख्य उद्देश्य देसी व्यंजनों की मार्केटिंग को बढ़ावा देना और उनके फायदों के बारे में जानकारी देना था। उन्होंने कहा कि महुआ से बने उत्पाद जैसे बिस्कुट और कोदो से बने उत्पादों सहित अन्य देसी उत्पादों का व्यापक प्रचार-प्रसार हो सके, यही इस आयोजन का लक्ष्य था। नए साल के अवसर पर बड़ी संख्या में पर्यटक बांधवगढ़ पहुंचे थे, जिन्होंने मिलेट्स फेस्टिवल में पहुंचकर इन देसी व्यंजनों का स्वाद लिया और इसकी सराहना की।


