उमरिया जिले में धान उपार्जन के कारण सरकारी गोदाम पूरी तरह भर गए हैं। इसके चलते खाद्य विभाग ने निजी मिलर्स के 10 गोदाम किराए पर लिए हैं। जिले में अब तक लगभग 1.48 लाख मीट्रिक टन धान की खरीदी हो चुकी है, जबकि 26 हजार मीट्रिक टन धान का परिवहन अभी बाकी है। जिले में 1 दिसंबर से धान खरीदी का कार्य लगातार जारी है। कुल 44 केंद्रों में से 35 केंद्रों पर समितियों के माध्यम से धान का उपार्जन किया जा रहा है। इस वर्ष लगभग 1.5 लाख मीट्रिक टन धान उपार्जन का लक्ष्य निर्धारित किया गया था, जिसके विरुद्ध 1 लाख 48 हजार 138 मीट्रिक टन धान की खरीदी पूरी की जा चुकी है। उपार्जन की अधिक मात्रा के कारण जिले के सभी शासकीय गोदाम और वेयरहाउस पूरी तरह भर गए हैं। इस स्थिति से निपटने के लिए खाद्य विभाग को निजी मिलर्स के गोदाम किराए पर लेने पड़े हैं। विभाग ने अब तक 10 मिलर्स के गोदामों को किराए पर लिया है, जहां आगे उपार्जित धान का भंडारण किया जाएगा। वर्तमान में जिले की विभिन्न समितियों में लगभग 26 हजार मीट्रिक टन से अधिक धान अभी भी रखा हुआ है, जिसका परिवहन नहीं हो पाया है। इसके अतिरिक्त, 1 दिसंबर से 12 जनवरी 2026 तक किसानों के खातों में लगभग 129 करोड़ रुपये से अधिक का भुगतान भी लंबित है। प्रभारी नोडल अधिकारी एवं जिला खाद्य अधिकारी रोहित सिंह ने बताया कि सभी शासकीय गोदाम भर जाने के बाद निजी मिलर्स के गोदामों में धान भंडारण की प्रक्रिया शुरू की गई है। उन्होंने यह भी कहा कि परिवहन की कार्यवाही प्रगति पर है और जल्द ही सभी खरीदी केंद्रों से धान का उठाव कर उसे सुरक्षित स्थानों पर रखवा दिया जाएगा।


