ऊर्जा मंत्री नागर की केईडीएल को फटकार:मेंटेनेंस के नाम पर अनावश्यक बिजली कटौती बर्दाश्त नहीं,मांगा दो माह का पूरा ब्यौरा

ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर ने शनिवार को सर्किट हाउस में पीडब्ल्यूडी, पीएचईडी, सीएडी, जल संसाधन और विद्युत विभाग सहित विभिन्न विभागों की समीक्षा बैठक ली। बैठक में गत बजट घोषणाओं के क्रियान्वयन में आ रही बाधाओं को दूर करने और आगामी बजट प्रस्तावों को लेकर विस्तार से चर्चा की गई। ऊर्जा मंत्री की केईडीएल को फटकार बैठक के दौरान ऊर्जा मंत्री ने बिजली फ्रेंचाइजी कंपनी केईडीएल के अधिकारियों को सख्त फटकार लगाई। मंत्री नागर ने केईडीएल के अधिकारी शांतनु भट्टाचार्य को बुलाकर कहा कि मेंटेनेंस के नाम पर घंटों तक लिया जाने वाला अनावश्यक शटडाउन अब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि जिन कार्यों को कम समय में पूरा किया जा सकता है, उसके लिए शहरवासियों की बिजली घंटों बंद रखना उचित नहीं है। इससे आमजन को परेशानी होती है और यह शहर के हित में नहीं है। ऊर्जा मंत्री ने निर्देश दिए कि पिछले दो माह में लिए गए सभी शटडाउन का विस्तृत ब्यौरा कार्यालय को भेजा जाए। इसमें यह स्पष्ट किया जाए कि शटडाउन किसके आग्रह पर लिया गया और उस दौरान कौन-कौन से कार्य किए गए। उन्होंने यह भी कहा कि जहां डिमांड के अनुसार बिजली आपूर्ति के लिए अतिरिक्त संसाधनों की जरूरत हो, वहां आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराए जाएंगे। जरूरत पड़ने पर नए जीएसएस के प्रस्ताव भी भेजे जाएं। बैठक में बाढ़ राहत के तहत विद्यालयों एवं सरकारी भवनों में स्वीकृत राशि के उपयोग, दीगोद और कनवास बस स्टैंड की जमीन आवंटन से जुड़ी समस्याओं तथा सांगोद विधानसभा क्षेत्र के विभिन्न गांवों में बारिश के पानी के डायवर्शन पर भी चर्चा हुई। मंत्री नागर ने सीमल्या में सीएडी की जमीन पर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बनाने के निर्देश दिए। वहीं स्कूलों में आपदा राहत के तहत होने वाले मरम्मत कार्य अब पीडब्ल्यूडी के माध्यम से कराने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि बरसात से पहले सभी छतों की रिपेयरिंग पूरी हो सके। बैठक के बाद मीडिया से बात करते हुए ऊर्जा मंत्री ने कहा कि लगातार मॉनिटरिंग से गुणवत्ता और कार्यशैली में सुधार आया है। कमजोर गुणवत्ता वाले कार्यों के भुगतान रोके गए हैं और दोषी फर्मों को ब्लैकलिस्ट किया गया है।

FacebookMastodonEmail

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *